पूर्व सैनिक उत्थान समिति महिला संगठन ने जताई नाराजगी
फतेहपुर, मो शमशाद । पूर्व सैनिक उत्थान समिति के महिला संगठन की बैठक रविवार को रंजना कक्कड़ की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में महिलाओं ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था, खासकर निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए। महिलाओं ने आरोप लगाया कि देहात क्षेत्र की भोली-भाली गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय कमीशन के लालच में निजी अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है, जहां सामान्य प्रसव के मामलों में भी ऑपरेशन कराकर मोटे बिल वसूले जाते हैं। महिला अध्यक्ष जागृति तिवारी ने आरोप लगाया कि कई निजी अस्पतालों में मरीजों को तरह-तरह की बीमारियां बताकर 30 से 50 हजार
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| बैठक करतीं पूर्व सैनिक उत्थान समिति महिला संगठन की पदाधिकारी। |
रुपये तक का बिल थमा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इलाज का खर्च जुटाने के लिए जेवर और यहां तक कि खेती की जमीन बेचने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिले में कई अस्पताल बिना समुचित पंजीकरण के संचालित होने के आरोपों के बावजूद कार्रवाई से बचे हुए हैं। बैठक में महिलाओं ने आरोप लगाया कि कुछ आशा बहुएं प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में ले जाती हैं और वहां कमीशन लेकर वापस लौट जाती हैं। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन मरीज और उसके परिवार से इलाज के नाम पर मनमाने तरीके से रकम वसूलता है। संगठन ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जागृति तिवारी ने कहा कि संगठन जिले में वृहद आंदोलन शुरू करेंगे। संगठन का कहना है कि ऐसे निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। बैठक में रंजना कक्कड़, जागृति तिवारी, सुमन मौर्य, सरोज शर्मा, रीता सिंह, सुनीता यादव, साधना सिंह, सौम्या सिंह, अरुणा मिश्रा, माया देवी आदि मौजूद रहीं।


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