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Friday, August 7, 2026

शासन के संरक्षण एवं सुंदरीकरण के निर्देशों के बावजूद बुढ़ियाघाट पर गंगा में गिर रहा सीवर का पानी

सनातन मठ मंदिर रक्षा समिति ने जताई कड़ी आपत्ति

कानपुर, प्रदीप शर्मा । उत्तर प्रदेश शासन एवं उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा राजा ययाति टीला (जाजमऊ), नागेश्वर सिद्धपुरी धाम मंदिर एवं बुढ़ियाघाट को अतिक्रमण एवं प्रदूषण से मुक्त कर संरक्षण, जीर्णोद्धार एवं विकास के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद बुढ़ियाघाट स्थित एसटीपी से मात्र लगभग 20 कदम की दूरी पर सीवर का पानी सीधे माँ गंगा में प्रवाहित किया जा रहा है। समिति का कहना है कि इसके लिए हाल ही में नगर निगम द्वारा नई पाइपलाइन भी डाली गई है।



सनातन मठ मंदिर रक्षा समिति, उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष सुधीर द्विवेदी ने कहा कि एक ओर शासन बुढ़ियाघाट के संरक्षण, जीर्णोद्धार एवं सुंदरीकरण के लिए कार्य कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उसी घाट पर सीवर का पानी गंगा में प्रवाहित किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि माँ गंगा में प्रदूषित जल छोड़े जाने से शासन की मंशा, नमामि गंगे अभियान तथा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने नगर निगम, नमामि गंगे एवं संबंधित विभागों से तत्काल सीवर प्रवाह बंद कराने, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।

समिति के अध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि बुढ़ियाघाट, राजा ययाति टीला एवं नागेश्वर सिद्धपुरी धाम केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर हैं। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा भी इन स्थलों को अतिक्रमण एवं प्रदूषण से मुक्त कर संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए जा चुके हैं। ऐसे में गंगा में सीवर का पानी छोड़ा जाना सरकारी निर्देशों की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि यदि इस पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो समिति जनहित में आगे की रणनीति पर विचार करेगी। 

समिति ने नगर निगम, उत्तर प्रदेश जल निगम, नमामि गंगे एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि बुढ़ियाघाट पर गंगा में गिर रहे सीवर के पानी को तत्काल रोका जाए तथा शासन एवं उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग के निर्देशों के अनुरूप बुढ़ियाघाट का प्रदूषणमुक्त संरक्षण एवं सुंदरीकरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए।

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