रील से ज्यादा रोल सुधारो, बड़े लक्ष्य को पाना है... - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Sunday, August 23, 2026

रील से ज्यादा रोल सुधारो, बड़े लक्ष्य को पाना है...

451 वीं साप्ताहिक सरस काव्य गोष्ठी में कवियों ने बांधा समां

फतेहपुर, मो शमशाद । मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में रविवार को शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 451वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केपी सिंह कछवाह ने की, जबकि संचालन आयोजक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल मौजूद रहे। काव्य गोष्ठी का शुभारंभ अध्यक्ष केपी सिंह कछवाह ने मां सरस्वती की वाणी वंदना से किया। उन्होंने अपनी रचना के माध्यम से मां सरस्वती से कुमति का नाश कर अंतरूकरण को पवित्र करने की प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने एकादशी व्रत के महत्व पर आधारित पंक्तियां प्रस्तुत कर श्रद्धा और भक्ति का भाव

साप्ताहिक काव्य गोष्ठी में भाग लेते कवि एवं साहित्यकार।

जगाया। काव्य पाठ के क्रम में डॉ. सत्य नारायण मिश्र ने राम नाम की महिमा और सांसारिक मोह-माया पर आधारित रचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि मनुष्य को जगत के जंजाल से दूर होकर राम नाम का स्मरण करना चाहिए। उनकी रचना को श्रोताओं ने सराहा। डॉ. शिवसागर साहू ने अपनी रचना के माध्यम से न्याय व्यवस्था में मुकदमों के शीघ्र निस्तारण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने में अत्यधिक विलंब होने से वादियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं प्रदीप कुमार गौड़ ने अपनी रचना के जरिए युवाओं को सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से आगे बढ़कर जीवन में वास्तविक लक्ष्य हासिल करने का संदेश दिया। उनकी पंक्तियां रील से ज्यादा रोल सुधारो, बड़े लक्ष्य को पाना है। सब मिलकर अपने भारत को, विकसित राष्ट्र बनाना है” पर खूब तालियां बजीं। आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने भारत के चंद्र मिशन की सफलता की स्मृति में मुक्तक प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि एवं मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल ने उपस्थित कवियों और अतिथियों को आशीर्वाद प्रदान किया। काव्य गोष्ठी में साहित्य, भक्ति, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रभावना से जुड़ी रचनाओं ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages