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Sunday, September 20, 2026

वर्षा जल संचयन एवं सतत जल प्रबंधन पर किया गया अतिथि व्याख्यान का आयोजन

कानपुर, प्रदीप शर्मा - गोविंद नगर स्थित डी. बी. एस. कॉलेज, कानपुर के भूगोल विभाग द्वारा शनिवार को रेनवाटर हार्वेस्टिंग एंड सस्टेनेबल वाटर मैनेजमेंट स्ट्रैटेजिस  फार वाटर सिक्योरिटी विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संरक्षण एनजीओ के निदेशक  प्रसून शुक्ला रहे। कार्यक्रम में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोधार्थियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर मुख्य वक्ता प्रसून शुक्ला ने विद्यार्थियों को वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग तथा जल के सतत प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों के बारे में बताया। उन्होंने जल की प्रत्येक बूंद के संरक्षण को भविष्य की जल सुरक्षा के लिए आवश्यक बताते हुए विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण के व्यावहारिक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. गौतम हाल ने कहा कि तेजी से बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण जल संरक्षण आज एक गंभीर आवश्यकता बन गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को जल के विवेकपूर्ण उपयोग




तथा वर्षा जल के अधिकतम संचयन के लिए जागरूक किया और कहा कि जल संरक्षण को केवल अभियान नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। आइक्यूएसी कोऑर्डिनेटर प्रो. संदीप शुक्ला ने जल संरक्षण को सतत विकास और जल सुरक्षा से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को जल के अपव्यय को रोकने तथा उपलब्ध जल संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सहभागिता से जल संरक्षण का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक पहुँचाया जा सकता है। कार्यक्रम की को कौनवेनर  डॉ. अनिता निगम ने जल संरक्षण के भौगोलिक एवं व्यावहारिक पक्ष के बारे में बताते हुए  विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक के रूप में जल संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। डॉ. के. सी. त्रिपाठी ने भी जल संसाधनों के संरक्षण एवं विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता के बारे में बताया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य वक्ता द्वारा समाधान किया गया। कार्यक्रम का समापन"हर बूंद अनमोल है- जल का संरक्षण, भविष्य का संरक्षण'संदेश के साथ हुआ। इस अवसर पर भूगोल विभाग के शिक्षक, विद्यार्थी एवं शोधार्थी मौजूद रहे।

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