बांदा, के एस दुबे । बड़ोखर खुर्द ब्लॉक के उच्च प्राथमिक कम्पोजिट विद्यालय चिल्ली की हालत देखकर रूह कांप जाएगी। स्कूल की छतों से सिर्फ पानी ही नहीं टपक रहा, बल्कि छतों का प्लास्टर झड़-झड़ कर गिर रहा है और छतों में लगी सरिया तक बाहर निकल कर लटक रही है।जर्जर छत कभी भी भरभराकर गिर सकती है। इसी मौत के साये में। मासूम बच्चे और शिक्षक रोजाना जान हथेली पर लेकर पढ़ने-पढ़ाने को मजबूर हैं। क्लास में बैठे बच्चे सहमे हुए हैं। एक तरफ किताबें पानी में भीग रही हैं तो दूसरी तरफ सिर पर लटक रही सरिया किसी भी वक्त जानलेवा बन
सकती है। ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने कहा यह स्कूल नहीं में बच्चों का भविष्य बनाने के लिए भेजा जाता है। लेकिन स्कूल की छतों की हालत खराब होने से जीवन खतरे में है। अधिकारी एसी कमरों में बैठे हैं और हमारे बच्चे मौत के मुंह में पढ़ रहे हैं। क्या प्रशासन किसी बच्चे की लाश का इंतजार कर रहा है? हादसे के बाद ही नींद खुलेगी क्या। जहाँ योगी सरकार लगातार विद्यालयो का कायाकल्प करने में लगी हुई है वही जिम्मेदार अधिकारी योगी सरकार की छवि को धूमिल करने में लगे हैं।


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