बांदा, के एस दुबे । कमासिन थाना क्षेत्र के लखीपुर गांव निवासी एक वृद्ध सुलह-समझौते के बाद भी अपनी रकम पाने के लिए थाने के चक्कर लगाने को मजबूर है। पीड़ित के अनुसार उसने 10 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। इसके बाद वह कई बार थाना कमासिन पहुंच चुका है, लेकिन अब तक उसे उसकी रकम नहीं मिल सकी। पीड़ित का आरोप है कि 1 अक्टूबर 2026 को कमासिन थाना प्रभारी की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता कराया गया था। समझौते में दूसरे पक्ष द्वारा पीड़ित को 16 हजार रुपये दिए जाने की बात तय हुई थी। पीड़ित का कहना है कि समझौता होने के बावजूद रकम का भुगतान नहीं किया गया। मंगलवार को वृद्ध सुबह से ही रकम मिलने की उम्मीद में कमासिन थाने पहुंच गया और कई घंटे तक इंतजार करता रहा। बीमारी और उम्र
के बावजूद वह थाने में बैठा रहा, लेकिन पैसे नहीं मिले। आखिरकार कई घंटे इंतजार करने के बाद उसे मायूस होकर वापस घर लौटना पड़ा। पीड़ित का कहना है कि वह अपनी समस्या लेकर लगातार थाने के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसे अब तक राहत नहीं मिली। उसने पुलिस अधिकारियों से समझौते के अनुसार उसकी रकम दिलाए जाने की मांग की है। वहीं, पीड़ित ने कमासिन थाना पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि फरियादियों को न्याय दिलाने के बजाय शिकायत करने पर कई मामलों में धारा 135/126 के तहत कार्रवाई की जाती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पीड़ित द्वारा दिए गए लिखित सुलह-समझौते में 16 हजार रुपये की रकम का उल्लेख किया गया है। मामले में अब देखना है कि पुलिस समझौते के बाद लंबित भुगतान को लेकर क्या कार्रवाई करती है।


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