आठ सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन, जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
पैलानी/बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर शनिवार को तहसील पैलानी के लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस (तहसील दिवस) का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया।लेखपालों ने शासन स्तर पर लंबित आठ सूत्री मांगों का शीघ्र निस्तारण किए जाने की मांग उठाई।इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी भेजा गया।लेखपालों ने सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक तहसील परिसर में धरना दिया।संघ पदाधिकारियों ने कहा कि अपनी न्यायोचित मांगों के समाधान के लिए शासन और राजस्व परिषद से लगातार अनुरोध किया जा रहा है,लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन का
निर्णय लिया गया है।लेखपालों की प्रमुख मांगों में विगत आठ वर्षों से लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करना,चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी कर समय से डीसी किए जाने,चयन वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित करने और स्थायीकरण में हो रहे विलंब को दूर करने की मांग शामिल है।इसके अलावा 16 वर्षों से भत्तों में वृद्धि न किए जाने,ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं एवं सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराए बिना लेखपालों को रोस्टर में लगाए जाने और लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने की मांग भी उठाई गई।संघ ने प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड-पे, अंतरमंडलीय स्थानांतरण तथा पदोन्नति सहित अन्य मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।लेखपालों ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में निर्धारित आंदोलनात्मक कार्यक्रम के तहत आगे भी कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन जारी रखा जाएगा।धरना-प्रदर्शन में तहसील अध्यक्ष हरिओम यादव,मंत्री अमित सिंह पटेल सहित तहसील क्षेत्र के लेखपाल मौजूद रहे।लेखपालों ने एकजुट होकर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।


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