सपा ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
पैलानी /बांदा, के एस दुबे । तहसील क्षेत्र में डीएपी और अन्य उर्वरकों की भारी किल्लत से किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध न होने के कारण रबी की फसलों की बुआई समय पर न हो पाने की चिंता किसानों को सताने लगी है। इस गंभीर समस्या को लेकर समाजवादी पार्टी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री विशंभर प्रसाद निषाद के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और किसानों ने पैलानी तहसील पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सपा नेताओं ने बताया कि पैलानी तहसील क्षेत्र की सहकारी समितियों में
खाद की घोर कमी है, जिसके चलते किसानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। समय पर डीएपी न मिलने से रबी की बुआई का कार्य पिछड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों में खाद न मिलने पर उन्हें मजबूरन निजी दुकानों से ऊंचे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है, जिससे उनकी लागत और आर्थिक बोझ काफी बढ़ गया है। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि तुरंत निम्नलिखित सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद भिजवाई जाए।जसपुरा ब्लॉक की चंदवारा, रामपुर, बड़ागांव, जसपुरा और सिंघन कला समेत क्षेत्र की अन्य सभी सहकारी समितियां। नेताओं ने जोर देकर कहा कि किसानों को समय पर और निर्धारित मूल्य पर खाद मुहैया कराई जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। समाजवादी पार्टी ने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेताया है कि यदि शीघ्र ही क्षेत्र की समितियों में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई, तो समाजवादी पार्टी किसानों के हक में सड़क पर उतरकर जोरदार आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करेगी। इस अवसर पर पुष्पेंद्र सिंह चुनाले, भरतपाल, आशीष निषाद, अमित निषाद एडवोकेट, कुलदीप खेंगर, गयाप्रसाद निषाद और पंकज यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान और सपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अब देखना यह है कि प्रशासन किसानों को इस संकट से उबारने के लिए कितनी जल्दी ठोस कदम उठाता है।


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