फार्मर रजिस्ट्री व डिजिटल क्रॉप सर्वे के प्रभावी उपयोग पर दिया जोर
एआई तकनीक से फसल रोगों की पहचान पर भी हुआ मंथन
फतेहपुर, मो शमशाद । कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में एग्रीस्टैक डेटा के सुदृढ़ीकरण एवं नवाचारी उपयोग को लेकर जिला स्तरीय टास्क फोर्स (डीएलटीएफ) की बैठक आयोजित हुई। इसमें फार्मर रजिस्ट्री व डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं से जोड़ने तथा कृषि सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उर्वरक एवं बीज वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने, बटाईदार व किरायेदार किसानों की पहचान, किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराने तथा सिंचाई व्यवस्था में सुधार के लिए एग्रीस्टैक डेटा के उपयोग पर
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| डीएलटीएफ की बैठक में भाग लेतीं डीएम निधि गुप्ता वत्स। |
जोर दिया गया। इसके साथ ही कृषि संबंधी आंकड़ों की सटीकता बढ़ाने और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर किसानों को जरूरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने के सुझाव दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि एग्रीस्टैक के अंतर्गत उपलब्ध फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे और भू-अभिलेखों के आंकड़ों का समन्वित उपयोग किया जाए, जिससे जनपद में आधुनिक कृषि तकनीकों, सटीक सिंचाई प्रबंधन व वैज्ञानिक फसल नियोजन को बढ़ावा मिल सके। बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक से फसलों में होने वाले रोगों की पहचान, किसानों को स्थानीय भाषा में कृषि संबंधी सलाह उपलब्ध कराने तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। डीएम ने एग्रीस्टैक डेटा का प्रभावी उपयोग कर किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, एआर कोआपरेटिव, एलडीएम, जिला उद्यान अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


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