खंड शिक्षा अधिकारी की कार्यशैली पर उठे सवाल, सरकारी स्कूलों के निरीक्षण में लापरवाही के आरोप
बांदा, के एस दुबे । जसपुरा विकासखंड में बिना मान्यता के दर्जनों निजी विद्यालय संचालित होने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की निगरानी प्रभावी न होने के कारण ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था की नियमित जांच नहीं की जाती। उनका आरोप है कि अधिकारी सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण करने के लिए नियमित रूप से नहीं पहुंचते, जिससे शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता पर निगरानी प्रभावित हो रही है।
बीआरसी कार्यालय में भी अधिकारी की अनुपस्थिति का आरोप
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जसपुरा स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में भी खंड शिक्षा अधिकारी की सीट अक्सर खाली रहती है। इससे विभागीय कार्यों के लिए पहुंचने वाले शिक्षकों और अभिभावकों को परेशानी होने का आरोप है। लोगों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित रहें और विद्यालयों का निरीक्षण करें, तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सकता है।
निजी विद्यालयों की मान्यता की जांच की मांग
क्षेत्र में कथित रूप से बिना मान्यता के संचालित विद्यालयों को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से जांच कराने की मांग की है। साथ ही सरकारी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कराने और बीआरसी कार्यालय में अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है। अब सवाल यह है कि जसपुरा विकासखंड में बिना मान्यता के विद्यालय संचालित होने की शिकायतों पर शिक्षा विभाग कब जांच कराएगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी इन आरोपों की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे? यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


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