पूर्ण कार्य बहिष्कार से टीकाकरण, ओपीडी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सेवाएं प्रभावित,
12 अक्टूबर से लखनऊ में ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन का ऐलान
बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (पंजी.) के प्रादेशिक आह्वान पर चल रहे चरणबद्ध आंदोलन के तृतीय चरण का आगाज गुरुवार को जनपद में हुआ। एनएचएम संविदा कर्मियों ने पूर्ण कार्य बहिष्कार करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलन के कारण आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, नगरीय स्वास्थ्य केंद्र, जिला संयुक्त चिकित्सालय एवं टीबी अस्पताल में टीकाकरण, ओपीडी, पैथोलॉजी जांच, एनसीडी, आरबीएसके, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़ी सेवाएं प्रभावित रहीं। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन के प्रथम और द्वितीय चरण में संविदा कर्मियों ने काला फीता बांधकर कार्य
करते हुए मौन विरोध दर्ज कराया था, लेकिन शासन स्तर से सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने के बाद अब आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाया गया है। संघ के अनुसार 8, 9 और 10 अक्टूबर तक पूर्ण कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इसके बाद 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो-डेरा डालो’ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ मिलेंद्र सिंह ने कहा कि संविदा कर्मी पिछले 15 से 18 वर्षों से अल्प मानदेय पर स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं और कोरोना महामारी के दौरान भी पूरी प्रतिबद्धता से सेवाएं दीं। उन्होंने नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन को प्रमुख मांग बताते हुए कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं मंडल अध्यक्ष मो शरीफ एवं जिला संरक्षक कुशल यादव ने कहा कि 10 लाख रुपये के कैशलेस बीमा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए और अनुकंपा नियुक्ति जैसी तात्कालिक मांगें भी लंबित हैं। शासनादेश जारी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जायेगा। धरना-प्रदर्शन में कुशल यादव जिला संरक्षक, अजय द्विवेदी मंडल संरक्षक, डॉक्टर शैलेंद्र रंजन वरिष्ठ प्रवक्ता, मोहम्मद शरीफ मंडल अध्यक्ष, गौरव द्विवेदी मंडल उपाध्यक्ष, डॉक्टर मिलिंद सिंह जिला अध्यक्ष, शोभित गुप्ता जिला महामंत्री सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मी मौजूद रहे।


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