बांदा, के एस दुबे । प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने हरियाणा में हिंदी खबर-लिविंग इंडिया न्यूज चैनल से जुड़े प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल, एडिटर सौरभ उपाध्याय एवं महिला पत्रकार सुदेश नैना भोर को पुलिस हिरासत में लिए जाने के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह गौतम के नेतृत्व में 12 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी बांदा के माध्यम से ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। पत्रकार भ्रष्टाचार, अपराध, नशे के अवैध कारोबार और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाकर शासन-प्रशासन को
जनसमस्याओं से अवगत कराते हैं। ऐसे में पत्रकारों के विरुद्ध होने वाली पुलिस कार्रवाई को लेकर पारदर्शिता और कानून का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि नशे के कारोबार से संबंधित खबरों के प्रसारण के मामले में संबंधित पत्रकारों को हिरासत में लिया गया। संगठन ने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने तथा एफआईआर और पुलिस कार्रवाई की वैधानिकता की जांच न्यायिक समिति से कराने की मांग की।
ज्ञापन में संबंधित पत्रकारों को हिरासत में लेने के कारणों की तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक करने, यदि कार्रवाई में दुर्भावना या गैरकानूनी प्रक्रिया की पुष्टि हो तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पत्रकारों को समाचार संकलन और प्रसारण के दौरान भय, दबाव एवं धमकियों से सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी उठाई गई। एसोसिएशन ने कहा कि पत्रकारों के विरुद्ध शिकायतों और पुलिस कार्रवाई में सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि जनहित में समाचार प्रसारित करने वाले पत्रकारों को अनुचित उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की गई। इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने निष्पक्ष पत्रकारिता और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता की रक्षा पर जोर दिया।इस दौरान के एस दुबे, साकेत अवस्थी संदीप कुमार प्रकाश गुप्ता धमेंद सिंह सचिन मनोज कुमार नंदकिशोर शिवहरे अरविंद सिंह सहित दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।


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