बबेरू/बांदा, के एस दुबे । बबेरू कस्बे में विजयादशमी के अवसर पर भव्य दशहरा मेले का आयोजन किया गया। दशहरा मैदान में रामलीला समिति द्वारा राम-रावण और लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध का शानदार मंचन किया गया। मेघनाद और रावण के वध के बाद दोनों के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान पूरा मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा और हजारों की संख्या में पहुंचे दर्शकों ने कार्यक्रम का आनंद लिया। बता दें कि बबेरू कस्बे में दशहरा मेले की परंपरा पिछले 180 वर्षों से चली आ रही है। इसी क्रम में रामलीला मैदान से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव और अंगद अपनी वानर सेना के साथ कस्बे से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचे। वहीं रावण और मेघनाद अपनी राक्षसी सेना के साथ मैदान में पहुंचे। इसके बाद कस्बे के प्रमुख जवारे भी दशहरा मैदान पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं ने दरबार में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जी के दर्शन कर जवारा का प्रदर्शन किया।
इसके बाद लक्ष्मण और मेघनाद के बीच युद्ध का मंचन हुआ। लक्ष्मण द्वारा मेघनाद का वध किए जाने के बाद उसके पुतले का दहन किया गया। फिर भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का मंचन हुआ। रावण का वध होते ही पूरा दशहरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद रावण के पुतले का दहन किया गया, जिसका सिर आसमान में उड़ता दिखाई दिया। दहन के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर और पान खिलाकर दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं। मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात रहा।
इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष दुर्गेश सिंह गौतम, प्रबंधक नीरज पाण्डेय, उपाध्यक्ष रामशरण साहू फौजी, राजा दीक्षित, सभासद शिव प्रकाश, मालिक, कुलदीप सिंह, शिवबहादुर धुरिया, रोहित गुप्ता, आकाश चौरसिया, रामकृपाल मौर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल, अजय पटेल, रामप्रकाश साहू, चेयरमैन विवेकानंद गुप्ता सहित रामलीला समिति के अन्य पदाधिकारी और हजारों की संख्या में दर्शक मौजूद रहे।


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