जिला खनिज फाउंडेशन न्यास निधि के विकास प्रस्तावों पर चर्चा
बांदा, के एस दुबे । जिला खनिज फाउंडेशन न्यास निधि से वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान जनपद में कराए जाने वाले विकास कार्यों के प्रस्तावों के परीक्षण, आकलन और चयन को लेकर सोमवार को सर्किट हाउस सभागार, बाँदा में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी अमित आसेरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राप्त कुल 644 विकास कार्यों के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा और आकलन किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक में चित्रकूट-बाँदा की सांसद श्रीमती कृष्णा देवी शिवशंकर पटेल, हमीरपुर के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी, उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, नरैनी के विधायक ओममणि वर्मा, और सदर के विधायक
रजत सेठ सहित विभिन्न संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक के दौरान जिलाधिकारी अमित आसेरी ने डीएमएफ निधि के प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी उपयोग के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए। शासन की मंशा के अनुरूप यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन कार्यों के लिए पहले से विभागीय बजट उपलब्ध है, उन्हें डीएमएफ निधि में शामिल न किया जाए।
निधि से केवल उन्हीं कार्यों के प्रस्ताव रखे जाएं, जिनकी वास्तविक उपयोगिता हो और जिससे आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिले। प्रस्ताव तैयार करते समय आगामी 5 वर्षों की आवश्यकताओं और क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखा जाए। उत्तर प्रदेश जिला खनिज फाउंडेशन न्यास तृतीय संशोधननियमावली-2025 के नियम-2 के तहत, प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों खदान/पट्टा क्षेत्र से 15 किमी के दायरे में 70 प्रतिशत धनराशि से कार्य कराए जाने का प्रावधान है। इसी प्रकार अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में भी नियमानुसार विकास कार्य कराए जाएं। जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि डीएमएफ निधि का मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विकास करना है। इसलिए सीमित संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ जनहितकारी और उपयोगी कार्य ही स्वीकृत किए जाएं।


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