अवैध बालू खनन और ओवरलोडिंग पर रोक लगाने की मांग
बाँदा, के एस दुबे । भारतीय किसान यूनियन (अरा०) जनपद बाँदा के जिलाध्यक्ष महेंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में किसानों और कार्यकर्ताओं ने चित्रकूटधाम मंडल के आयुक्त को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से मंडल के सभी जिलोंकृविशेषकर बाँदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट की नदियों में बेखौफ जारी अवैध बालू खनन, ओवरलोडिंग और विभिन्न कृषि समस्याओं को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है।बागेन, केन, बेतवा, यमुना व अन्य तटीय नदियों में पोकलैंड और जेसीबी जैसी भारी मशीनों से निर्धारित गहराई से अधिक बालू निकाली जा रही है, जिससे जलस्तर लगातार गिर रहा है और गंभीर तटीय कटाव का खतरा पैदा हो गया है।
ओवरलोड ट्रकों और ट्रैक्टरों के बेधड़क संचालन से ग्रामीण और मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे आए दिन भीषण दुर्घटनाएं हो रही हैं।बिना वैध ई-एमएम-11 प्रपत्र और रॉयल्टी पर्ची के अवैध बालू का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है।दिन-रात उड़ने वाली धूल और भारी वाहनों के शोर के कारण आसपास के गांवों के लोगों का जीना मुहाल हो गया है, साथ ही लोग गंभीर सांस संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।लघु एवं सीमांत किसानों को आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा और 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाए। 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर बैंकों द्वारा जमीन बंधक या अन्य संपार्श्विक प्रतिभूति की मांग पर रोक लगाई जाए। फसलों की आवश्यकतानुसार यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। खसरा-खतौनी व भूमि अभिलेखों में अंश निर्धारण की त्रुटियों को दूर किया जाए तथा तहसील स्तर पर रोस्टर बनाकर राजस्व अधिकारियों की चौपाल लगाई जाए। कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भारतीय किसान यूनियन (अरा०) ने कमिश्नर से मांग की है कि अवैध खनन में लिप्त खनन माफियाओं और उनके संरक्षकों पर तत्काल कठोर विधिक कार्रवाई की जाए। साथ ही नदी क्षेत्रों में पोकलैंड जैसी भारी मशीनों के प्रयोग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए तथा जिले की सीमा एवं खनन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की जाए।


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