चार दिनों से धूप न खिलने और पछुवा हवाओं के चलने से तापमान 16 डिग्री पहुंचा
न्यूनतम तापमान सात डिग्री पर टिका, पूरा दिन धूप की आस में ठिठुरते रहे लोग
बांदा, के एस दुबे । वर्ष 2025 का आखिरी दिन शीतलहरी से लबरेज रहने के साथ ही कोहरे से ढका रहा। चोथे दिन भी सूर्य भगवान के दर्शन न होने की वजह से लोग ठिठुरते नजर आए। पछुवा हवाओं के चलने की वजह से अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेलिसयस अधिकतम पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान सात डिग्री पर स्थिर है। धूप न खिलने की वजह से हालात बदतर नजर आ रहे हैं। नगर पालिका के अलाव जलाने के साथ ही लोग खुद ही लकड़ियों का इंतजाम करते हुए आग से बदन सेंकते नजर आए। इधर, कोहरे की धुंध आसमान पर छाई होने के कारण दृश्यता 10 मीटर तक ही रही। बांदा-कानपुर मार्ग समेत शहर के विभिन्न स्थानों पर आवागमन के दौरान चालक वाहनों की लाइट जलाकर धीमी गति से चलते हुए नजर आए।
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| शहर के महाराणा प्रताप चौक पर बुधवार सुबह छाया कोहरा। |
लगातार बदल रहा मौसम का मिजाज लोग नहीं समझ पा रहे हैं। मंगलवार की शाम सात बजे से ही आसमान पर कोहरे की धुंध छाने लगी थी। रात नौ बजे अंधाकुप्प हो गया। लोग अपने घरों में दुबक गए। जो लोग आवागमन करते हुए नजर आए वह अपने वाहन धीरे-धीरे चला रहे थे। सुबह 11 बजे करीब गुनगुनी धूप खिलने की उम्मीद जगी, लेकिन पछुवा हवाओं के चलने की वजह से एक बार फिर से मौसम ठंडा हो गया। सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। लगातार चार दिन से धूप न खिलने की वजह से और हवाओं के झोंके चलने की वजह से मौसम ठंडा हो गया। मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा के मुताबिक अधिकतम 16 डिग्री तापमान बुधवार को रिकार्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्यियस पर टिका रहा। बुधवार को कोहरे की धुंध छंट जाने के बावजूद धूप नहीं खिली। लोग पूरा दिन ठंड से ठिठुरते नजर आए। रह-रहकर चल रही ठंडी हवाओं के झाेंकों ने गलन में इजाफा कर दिया। गलन बढ़ने के बाद लोगों ने अलाव जलाकर किसी तरह से ठंड से अपना बचाव किया। आधी रात के बाद आसमान ने कोहरे को अपनी आगोश में ले लिया। कोहरे की धुंध की वजह से सड़क और रेल यातायात भी बाधित हो गया। रेल यातायात प्रभावित होने की वजह उत्तर महाकौशल, प्रदेश संपर्क क्रांति समेत चार ट्रेनें विलंब से चल रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज बसों के साथ ही अन्य प्राइवेट वाहन भी लाइट जलाकर रेंगते हुए नजर आए। तापमापी पारे की सुई भी न्यूनतम सात और अधिकतम 16 डिग्री पर टिकी हुई है। मौसम का मिजाज बदलता जा रहा है। दिन में गुनगुनी धूप न खिलने से शाम होते ही ठंड का असर लोगों को महसूस हुआ। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाहा ने कहा कि कुछ दिन और कड़ाके की ठंड रहेगी। उन्होंने कहा कि पछुवा हवाएं ठंड में इजाफा कर रही हैं। यह पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का असर
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| बांदा-कानपुर मार्ग पर लाइट जलाकर कोहरे के बीच रेंगता ट्रक। |
है। ठंड से अपना बचाव करने के लिए लोग जहां गर्म कपड़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं आग जलाकर बदन सेंकते नजर आ रहे हैं। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के साथ ही ठंडी हवाओं के झोंकों की वजह से कोहरे ने पिछले दो दिनों से दस्तक दे दी है। बुधवार की शाम होते ही आसमान पर कोहरे की धुंध का असर नजर आ रहा था। इसके साथ ही आधी रात को पूरी तरह से कोहरे ने सब कुछ अपनी आगोश में ले लिया। कोहरे की धुंध की वजह से 10 मीटर की दूरी पर रखी वस्तु नजर नहीं आ रही थी। हालांकि भीषण शीतलहरी के साथ ही ठंड से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। किसानों को कृषि विभाग ने भी फसलों को पाला से बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की है। पाला से बचाने के लिए खेताें के चारों ओर धुआं करें। शीतलहरी के दौरान फसलों को बचाने के लिए उपाय बताए हैं। वर्ष 2025 में दिसंबर माह का आखिरी दिन भी ठंडा रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाहा का उनका कहना है कि जबरदस्त शीतलहरी का प्रकोप बढ़ेगा, इसके लिए लोग तैयार रहें। पिछले दिनों में कोहरे की धुंध की वजह से यातायात अव्यवस्थित है। सड़क और रेल यातायात पर बुरा असर पड़ा है। महाकौशल एक्स्रपेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के अलावा आंबेडकर नगर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें विलंब से चल रही हैं। स्टेशन अधीक्षक मनोज शिवहरे ने कहा कि कोहरे की धुंध की वजह से चालक को ट्रेन अपने स्वविवेक के मुताबिक पटरी पर दौड़ाने की हिदायत रेलवे उच्चाधिकारियों ने दी है। कृषि विभाग का कहना है कि दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। चिकित्सकों ने ठंड के मौसम में सावधानी बरतने की अपील की है। इधर, दिसंबर माह के आखिरी दिन ठँडा रहा। लोगों का कहना है कि नव वर्ष में ठंड से निजात मिलने की उम्मीद है।



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