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Sunday, January 11, 2026

मनरेगा का नाम बदलकर किए गए महत्वपूर्ण सुधार : अजीत

अब जी राम जी योजना के तहत ग्रामीणों को मिलेगा लाभ

2014 के बाद से देश के ग्रामीण परिदृश्य में तेजी से हुआ विकास

फतेहपुर, मो. शमशाद  । भाजपा कार्यालय में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की प्रेस वार्ता आयोजित की गई। जिसमें जिले के प्रभारी मंत्री अजीत पाल सिंह के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव, विधायक विकास गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष अभय प्रताप सिंह, पूर्व विधायक विक्रम सिंह गठबंधन के जिलाध्यक्षों की उपस्थिति में केन्द्र सरकार के जी राम जी योजना पर चर्चा करते हुए योजना के गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट जनकल्याणकारी बदलावों पर चर्चा की गई। प्रभारी मंत्री अजीत पाल सिंह ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि जी राम जी की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीण मजदूरों को उनके किए गए कार्यों का सही तरीके से निर्धारण नहीं हो पा रहा था। मनरेगा में भ्रष्टाचार व्याप्त हो गया था। लिहाजा उस भ्रष्टाचार को किस तरीके से दूर किया जाए और तमाम

पत्रकारों से बातचीत करते प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल।

गरीब मजदूरों को उनके किए गए कार्यों का भुगतान उनके खाते में पारदर्शिता तरीके से पहुंच सके इसलिए इस योजना का नाम बदलते हुए कई उसमें महत्वपूर्ण सुधार भी किए गए हैं। अब जी राम जी योजना के तहत ग्रामीणों को उनके किए गए कार्यों का सही तरीके से लाभ मिल पाएगा। 2014 के बाद से देश के ग्रामीण परिदृश्य में तेजी से विकास हुआ है। इसीलिए पुराना ओपन एंडेड मॉडल आज की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से मेल नहीं खाता। 2005 में हमारी ज़रूरतें अलग थी। अब हमारी ज़रूरतें अलग है। इसलिए 2025 की आवश्यकताओं के अनुरूप इस ग्रामीण रोजगार योजना का पुनर्गठन करना आवश्यक था। अब हर गरीब को रोजगार मिले उसकी गरिमा का सम्मान हो और गरीब जनजाति और पिछड़े वर्ग को रोजगार मिले, विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का एक नया ढांचा खड़ा करना उद्देश्य है। यह कानून महात्मा गांधी की सोच के अनुरूप है और रामराज्य की स्थापना की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इस नई योजना में न केवल रोजगार की अवधि बढ़ाई गई है। साथ ही मजदूरी का भुगतान भी जल्दी होगा। हर ग्रामीण परिवार को हर साल 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। वन क्षेत्र में काम करने वाले अनुसूचित जनजाति के कामगारों को 25 दिन अधिक रोजगार मिलेगा। नया कानून चार प्राथमिकताओं पर केंद्रित रहेगा। जिसमें जल संबंधी कार्य। मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण। आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचे का निर्माण। अत्यधिक मौसमी घटनाओं के प्रभाव को कम करने हेतु विशेष कार्य, जल सुरक्षा से खेती को बढ़ावा मिलेगा। सड़के और कनेक्टिविटी से बाजार में सुधार होगा। भंडारण और आजीविका संपत्तियां ग्रामीण आय में वृद्धि लायेंगी। जलवायु अनुकूल कार्य गांव को सशक्त बनाएंगे। जी राम जी अधिनियम में यह भी प्रावधान किया गया है की बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिन काम बंद कर दिया जाएगा।इसका उद्देश्य बुवाई और कटाई के समय मजदूरों की कमी नहीं होने देना है। जबकि मनरेगा में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। इसीलिए जी राम जी अधिनियम अधिक प्रभावशाली है।


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