पांचवें दिन दोपहर को खिली गुनगुनी धूप, लोगों को मिली राहत
न्यूनतम तापमान नौ डिग्री, अधिकतम 18 पर टिका
बांदा, के एस दुबे । वर्ष 2026 का पहला दिन गुरुवार कोहरे से ढका रहा। दोपहर के समय धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत मिली। पांचवें दिन सूर्य भगवान के दर्शन होने से लोगों को राहत मिली। पछुवा हवाओं के चलने की वजह से अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेलिसयस अधिकतम पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 9 डिग्री पर स्थिर है। धूप खिलने की वजह से हालात दुरुस्त नजर आए। नगर पालिका के अलाव जलाने के साथ ही लोग खुद ही लकड़ियों का इंतजाम करते हुए आग से बदन सेंकते नजर आए। इधर, कोहरे की धुंध आसमान पर छाई होने के कारण दृश्यता 10 मीटर तक ही रही। बांदा-कानपुर मार्ग समेत शहर के विभिन्न स्थानों पर आवागमन के दौरान चालक वाहनों की लाइट जलाकर धीमी गति से चलते हुए नजर आए। आवगामन में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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| बांदा-कानपुर मार्ग पर लाइट जलाकर जाता वाहन। |
लगातार बदल रहा मौसम का मिजाज लोग नहीं समझ पा रहे हैं। बुधवार की शाम सात बजे से ही आसमान पर कोहरे की धुंध छाने लगी थी। रात नौ बजे अंधाकुप्प हो गया। लोग अपने घरों में दुबक गए। जो लोग आवागमन करते हुए नजर आए वह अपने वाहन धीरे-धीरे चला रहे थे। गुरुवार को सुबह 11 बजे करीब गुनगुनी धूप खिलने से लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि पछुवा हवाओं के चलने की वजह से एक बार फिर से मौसम ठंडा हो गया। लगातार चार दिन तक धूप न खिलने की वजह से और हवाओं के झोंके चलने की वजह से मौसम ठंडा हो गया था। मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा के मुताबिक अधिकतम 18 डिग्री तापमान गुरुवार को रिकार्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्यियस पर टिका रहा। गुरुवार को कोहरे की धुंध छंट जाने के बाद धूप खिली। लोगों को ठंड से काफी हद तक राहत मिली। रह-रहकर चल रही ठंडी हवाओं के झाेंकों ने गलन में इजाफा कर दिया। गलन बढ़ने के बाद लोगों ने अलाव जलाकर किसी तरह से ठंड से अपना बचाव किया। आधी रात के बाद आसमान ने कोहरे को अपनी आगोश में ले लिया। कोहरे की धुंध की वजह से सड़क और रेल यातायात भी बाधित हो गया। रेल यातायात प्रभावित होने की वजह उत्तर महाकौशल, प्रदेश संपर्क क्रांति समेत चार ट्रेनें विलंब से चल रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज बसों के साथ ही अन्य प्राइवेट वाहन भी लाइट जलाकर रेंगते हुए नजर आए। तापमापी पारे की सुई भी न्यूनतम सात और अधिकतम 16 डिग्री पर टिकी हुई है। मौसम का मिजाज बदलता जा रहा है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाहा ने कहा कि कुछ दिन और कड़ाके की ठंड रहेगी। उन्होंने कहा कि पछुवा हवाएं ठंड में इजाफा कर रही हैं। यह पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का असर है। ठंड से अपना बचाव करने के लिए लोग जहां गर्म कपड़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं आग जलाकर बदन सेंकते नजर आ रहे हैं। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के साथ ही ठंडी हवाओं के झोंकों की वजह से कोहरे ने पिछले दो दिनों से दस्तक दे दी है। बुधवार की शाम होते ही आसमान पर कोहरे की धुंध का असर नजर आ रहा था। इसके साथ ही आधी रात को पूरी तरह से कोहरे ने सब कुछ अपनी आगोश में ले लिया। कोहरे की धुंध की वजह से 10 मीटर की दूरी पर रखी वस्तु नजर नहीं आ रही थी। हालांकि भीषण शीतलहरी के साथ ही ठंड से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। किसानों को कृषि विभाग ने भी फसलों को पाला से बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की है। पाला से बचाने के लिए खेताें के चारों ओर धुआं करें। शीतलहरी के दौरान फसलों को बचाने के लिए उपाय बताए हैं। वर्ष 2026 का पहला दिन भी ठंडा रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाहा का उनका कहना है कि जबरदस्त शीतलहरी का प्रकोप बढ़ेगा, इसके लिए लोग तैयार रहें। पिछले दिनों में कोहरे की धुंध की वजह से यातायात अव्यवस्थित है। सड़क और रेल यातायात पर बुरा असर पड़ा है। महाकौशल एक्स्रपेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के अलावा आंबेडकर नगर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें विलंब से चल रही हैं। स्टेशन अधीक्षक मनोज शिवहरे ने कहा कि कोहरे की धुंध की वजह से चालक को ट्रेन अपने स्वविवेक के मुताबिक पटरी पर दौड़ाने की हिदायत रेलवे उच्चाधिकारियों ने दी है। कृषि विभाग का कहना है कि दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। चिकित्सकों ने ठंड के मौसम में सावधानी बरतने की अपील की है। इधर, दिसंबर माह के आखिरी दिन ठँडा रहा। हालांकि लोग कह रहे हैं कि नए वर्ष के प्रथम दिन में धूप खिली है, अब मौसम साफ होने की उम्मीद है।


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