प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा,
आवागमन पर लगाई रोक; कई गांवों का संपर्क प्रभावित
बांदा, के एस दुबे । पैलानी तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत पड़ोहरा में चंद्रावल नदी पर बने पड़ोहरा-नांदादेव रपटे में दरार पड़ने और चौथे नंबर की कोठी (पिलर) धंस जाने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। रपटे की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और सुरक्षा की दृष्टि से वाहनों का आवागमन रोक दिया। रपटे में दरार और पिलर धंसने की सूचना पर पैलानी एसडीएम भूपेंद्र सिंह को मिलते ही तहसीलदार पैलानी राधेश्याम सिंह और लोक निर्माण विभाग के एई अभय कुमार को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रपटे का निरीक्षण किया। सुरक्षा के मद्देनजर रपटे के दोनों ओर रस्सी लगाकर दो पहिया और चार पहिया वाहनों का आवागमन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। पैदल आवागमन को भी नियंत्रित तरीके से जारी रखने की व्यवस्था की गई है।
निगरानी के लिए पुलिस-होमगार्ड तैनात
प्रशासन ने रपटे की निगरानी के लिए दिन और रात में पुलिस व होमगार्ड की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। दिन में दो होमगार्ड और जसपुरा के दो कांस्टेबल तथा रात में दो होमगार्ड और पैलानी के दो कांस्टेबल निगरानी करेंगे, ताकि कोई व्यक्ति जोखिम उठाकर क्षतिग्रस्त रपटे से वाहन न निकाल सके। एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि रपटे में दरार आने और चौथा पिलर धंसने की सूचना पर अधीनस्थ अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा रपटे के दोनों ओर सुरक्षा दीवार बनाए जाने की कार्रवाई की जाएगी, जिससे किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
कई गांवों का आवागमन प्रभावित
रपटे की स्थिति खराब होने से पड़ोहरा, पड़ोहरा डेरा, मड़ौली खुर्द, मड़ौली, क्योटरा डेरा और मरोहला सहित आसपास के कई गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार चंद्रावल नदी पर बना यह रास्ता क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। वैकल्पिक मार्ग के तौर पर ग्रामीण अमारा होकर गौरीकला होते हुए जसपुरा जा सकते हैं। हालांकि इससे ग्रामीणों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
ग्रामीणों ने की पुल की सुरक्षा की मांग
पड़ोहरा ग्राम पंचायत के समाजसेवी अनुज शिवहरे ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागों को सूचना दी। उन्होंने ग्रामीणों के साथ पुल की निगरानी करते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान कराने की मांग की। मौके पर अनुज शिवहरे, योगेंद्र सिंह, अभय सिंह, शुभम पाल, अखिल शुक्ला समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना है कि रपटे की हालत को देखते हुए जल्द मरम्मत अथवा वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो क्षेत्र के कई गांवों के लोगों को आवागमन में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


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