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Wednesday, September 18, 2019

हत्या के विरोध में परिजनों ने लगाया जाम

एसपी पहुंचे मौके पर हल्के बल प्रयोग के बाद खुला जाम

जालौन (उरई)। मंगलवार को स्कार्पियो गाड़ी के चालक की हत्या के मामले में मृतक का शव आने के बाद घर, परिजनों के साथ लगभग लोगों ने देवनगर चैराहे पर जाम लगाया। इसी बीच महिलाओं ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। वहीं, मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक के आश्वासन एवं पुलिस के हल्के फुल्के बल प्रयोग के बाद लगभग दो घंटे बाद जाम खुल सका। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा भी है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चुर्खीबाल निवासी महेंद्र दोहरे उर्फ छोटे (36) पुत्र रामसहाय अमखेड़ा वाले अजीत
सिंह की स्काॅर्पियो गाड़ी भाड़े पर चलाता था। मंगलवार की सुबह वह परिजनों से झांसी की बुकिंग होने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद दोपहर लगभग 12 बजे महेंद्र का शव बड़ागांव व कैंथरी के बीच उसकी गाड़ी की पिछड़ी सीट पर बरामद हुआ। उसके सिर में गोली मारी गई थी। महेंद्र की जेब में मिली गाड़ी की चाबी, मोबाइल, आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुआ था। मृतक के भाई सुशील दोहरे का आरोप था कि पांच दिन पूर्व महेंद्र का गाड़ी मालिक अजीत के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जिस पर वह नौकरी छोड़कर चला आया था। इसके बाद गाड़ी मालिक ने किसी तरह उसे मनाकर बुकिंग पर भेजा था।बड़े भाई वीरेन्द्र कुमार उर्फ सुशील कुमार का आरोप है कि अजीत ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर उसके भाई की हत्या की है। बुधवार को शाम लगभग साढ़े तीन बजे महेंद्र के शव का पोस्टमाॅर्टम होकर आया था। परिजनों व रिश्तेदारों ने शव को घर न ले जाकर देवनगर चैराहे पर रखकर जाम लगा दिया। तकरीबन दो घंटे तक लगे जाम में दोनों ओर के वाहन जहां के तहां रूक गए। वहीं, स्थानीय पुलिस के समझाने के बाद जाम न खुलने पर आसपास के थानों की भी पुलिस बुला ली गई। वहीं, मौके पर उरई कोतवाली प्रभारी शिव गोपाल सिंह, सीओ सदर संतोष कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जाम लगाए लोगों और महिलओं को समझाने का प्रयास किया। लेकिन तब भी बात नहीं बनी। इसके बाद मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार सिंह को बुलाया। उन्होंने मृतक के परिजनों से बात कर उन्हें मुआवजा दिलाए जाने एवं 24 से 48 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा किए जाने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर परिजन शव सड़क से हटाने के लिए राजी हुए। शव को हटाया ही जा रह ा था कि किसी ने डीएम को बुलाने की मांग करते हुए शव का फिर से सड़क पर रखना चाहा। जिस पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। जैसे ही पुलिस ने लाठियां पटकते हुए जाम लगाये युवकों के साथ लाठियां चलाना शुरू किया । वैसी ही जाम पूरी तरह से खुल गया और परिजन महेंद्र के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। पुलिस ने इसी दो लोगों को पीटते हुए पकड़ लिया तथा कोतवाली ले गये हैं। इस मौके पर प्रभारी रेढर अनिल कुमार, गोहन विनोद पांडेय, कुठौंद दीपक कुमार, इंस्पेक्टर जालौन सुनील कुमार सिंह, उपनिरीक्षक गजेन्द्र सिंह, प्रमोद कुमार, स्वामीनाथ पांडेय, गंगा प्रसाद, शाहजहां समेत आसपास के थानों की पुलिस मौजूद थी।
परिजनों जाम के दौरान हुए बेसुध
जैसे मृतक का पिकअप से आया वैसे ही जाम लगाये मां प्रेमा देवी, पत्नी पिंकी का रो रो कर बुरा हाल हो गया तथा शव को हाथों में लेकर बेसुध हो रही थी। वहीं मृतक का बड़ा पुत्र गौरव व सौरभ भी पिता का शव देखकर फफक कर रो पड़ा।

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