कालपी(जालौन)। बुधवार को भी बाढ़ की विभीषिका जारी है। यमुना का जलस्तर 111.50 मीटर तक पहुंच जाने से क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिर गये हैं। किसानों की फसलें, घर तथा गृहस्थी समेत लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जबकि शासन और प्रशासन के नुमाइंदे सिर्फ औपचारिकता निभा रहे हैं। क्षेत्र में एक भी बाढ़ की चैकी सक्रिय नहीं है और लेखपाल के दर्शन दुर्लभ है।
यमुना का 111.50 मीटर तक पहुंच जाने से पांच से छह सेमी. प्रति घंटे की रफ्तार से बाढ़ की विभीषिका जारी है। क्षेत्र के ग्राम मदारपुर, देवकली, हीरापुर, गुढ़ा खास तथा मंगरौल को बाढ़ के पानी ने हिला कर रख दिया है। सबसे अधिक नुकसान ग्राम मंगरौल में हुआ है। पांच सैकड़ा मकानों में पानी घुस चुका है। ग्राम भगदड़ जैसा माहौल है। कई मकान बैठक लेकर जमींदोज होने की स्थिति है। हजारों कुंटल अनाज, भूसा तथा अन्य सामग्री बाढ़ के पानी से खराब हो के साथ ही करीब 5 हजार आबादी ग्राम में कैद हो गई है किसानों को भारी संकट का सामान करना पड़ रहा है। ग्राम के दलित गयाराम दोहरे, गंगाप्रसाद, धनुक, जगपाल धोबी अलावा ग्राम के सैकड़ो लोगों के घरों में पानी घुस गया है।
प्रशासन कर रहा औपचारिकता
मंगलवार को विधायक नरेंद्र सिंह जादौन तथा उपजिलाधिकारी भैरपाल सिंह अपने अमले के साथ मंगरौल गांव पहुंचे। विधायक ने बच्चों को एक-एक लड्डू तथा बिस्कुट बाटे और फोटो खिंचवाकर औपचारिकता पूरी की। मंगलवार को देर तक प्रशासन भी गांव से चला गया। अब उक्त गांव में प्रशासन का कोई भी इंतजाम नही है।
मंगरौल में पांच हजार आबादी बाढ़ में फंसी
बाढ़ का तांडव जारी रहने से मंगरौल गांव के हजारों परिवार पानी से घिर चुके है। घरों में अनाज, भूसा भरा होने से गांव में रुके हुये है। प्रशासन को शायद मंगरौल से कोई लेना देना नही है। बाढ़ से मंगरौल लगातार घिर रहा है मकानों से बड़ी जनहानि होने की संभावना है।
बाढ़ का पानी कालपी में भी घुसा
बाढ़ का पानी पचपिण्डा देवी मंदिर के पास तथा आलमपुर मुहल्ले में भी घुसने लगा है। यदि आज भी यमुना का जलस्तर भरा तो नगर के कई मुहल्लों में बाढ़ का पानी घुस जायेगा।


No comments:
Post a Comment