यमुना नदी के पानी ने बाधित कर दिया बांदा-कानपुर मार्ग, आवागमन पूरी तरह से ठप
केन नदी के जल स्तर का पैमाना 103.52 पर पहुंचा, तटवर्ती गांवों में घुसने लगा पानी
यमुना नदी खतरे के निशान से ढाई मीटर ऊपर बह रही, मचने लगी हायतौबा
बांदा-कानपुर मार्ग में आवागमन हुआ ठप, बांदा के तारा गांव और फतेहपुर के ललौली में सड़क से बह रहा पानी
पैलानी क्षेत्र में केन नदी, तिंदवारी और चिल्ला क्षेत्र में यमुना नदी का पानी गांवों में घुसा, मची हायतौबा
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत अधिकारियों ने चिल्ला क्षेत्र का नाव में बैठकर लिया जायजा
बाढ़ पीड़ितों को जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन: हर संभव की जाएगी मदद, प्रशासन जनता के साथ
बांदा, कृपाशंकर दुबे । यमुना नदी और केन नदी दोनो उफान पर हैं। दोनो ही नदियों ने खतरे के निशान को पार कर दिया है। ऐसे में तटवर्ती गांवों में पानी जा घुसा है। यमुना नदी के पानी ने चिल्ला क्षेत्र के तारा गांव में जहां आवागमन बंद कर दिया है, वहीं पर फतेहपुर जनपद के ललौली में चार फीट ऊपर सड़क से पानी बह रहा है। इधर, जिलाधिकारी हीरालाल और पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने गुरुवार को नाव में बैठकर चिल्ला क्षेत्र के गांवों का जायजा लिया। बाढ़ पीड़ितों को आश्वासन दिया गया है कि प्रशासन बाढ़ पीड़ितों के साथ है, हर संभव मदद की जाएगी।
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| बबेरू के सिमौनी के पास रपटे में भरे यमुना नदी के बाढ़ के पानी के बीच से गुजरते लोग |
गुरुवार को केन नदी का जल स्तर 103.52 सेंटीमीटर पहुंच चुका हैै, जो खतरे के निशान के बिल्कुल समीप है। कुछ ही घंटों में केन नदी खतरे के निशान को पार कर जाएगी। केन नदी के जल स्तर में 7 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की गति से बढ़ोत्तरी हो रही है। इसी तरह यमुना नदी अपने खतरे के निशान 100 मीटर से ढाई मीटर ऊपर यानी कि 102.13 सेंटीमीटर पर पहुंच रही है। यमुना नदी का जल स्तर 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में हालात बदतर होते जा रहे हैं। दोनो ही नदियों के जल स्तर में इजाफा होता जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यमुना नदी में अब केन का पानी नहीं समा पा रहा है। इसकी वजह से केन नदी का जल स्तर बढ़ने के साथ ही फैलाव अधिक ले रहा है।
जनपद की दो नदियां केन और यमुना के पानी ने लोगों को हलाकान कर रखा है। यमुना नदी के पानी ने तो तबाही मचाना शुरू कर दिया है। चिल्ला क्षेत्र के तारा गांव में सड़क के ऊपर से चार फीट ऊपर पानी बहने के कारण आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। इसी तरह जनपद फतेहपुर के ललौली में भी यही हाल होने के कारण आगवामन बंद कर दिया गया। यमुना नदी में उफान होने के कारण चिल्ला पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया है। इधर, पैलानी क्षेत्र में बांदा की केन नदी ने भी तबाही मचाना शुरू कर दी है। केन नदी का पानी पैलानी क्षेत्र के गांवों में घुस गया है। कई मार्ग पूरी तरह से बंद हो जाने के कारण आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर कूच करने लगे हैं। क्षेत्रीय उप जिलाधिकारी ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया था और पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने भी बुधवार की रात को बाढ़ प्रभावित कई इलाकों का निरीक्षण करते हुए पुलिस कर्मियों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। इसके साथ ही बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद करने की बात भी पुलिस अधीक्षक ने कही है। इधर, यमुना नदी का पानी अब गांवों में घुसने के बाद सड़क पर भी भरने लगा है। चिल्ला क्षेत्र के तारा गांव में यमुना नदी की बाढ़ का पानी सड़क से चार फीट ऊपर बहने लगा। रेंग-रेंगकर किसी तरह से वाहन निकलते रहे, लेकिन प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आवागमन पूरी तरह से बंद करा दिया है, ताकि कोई अनहोनी न हो सके। इसी तरह जनपद फतेहपुर के ललौली इलाके में भी सड़क से चार फीट ऊपर पानी बहने के कारण हालात बदतर हो गए हैं। बांदा-कानपुर मार्ग पर पूरी तरह से आवागमन बंद कर दिया गया है। चिल्ला पुल से अब कोई वाहन नहीं निकलने दिया जा रहा है।
पुलिस तैनात कर दी गई है। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते हैं, आवागमन बाधित रहेगा।
डीएम और एसपी ने किया चिल्ला क्षेत्र का निरीक्षण
बांदा। जिलाधिकारी हीरा लाल एवं पुलिस अधीक्षक गणेश साहा ने गुरुवार को बेंदा क्षेत्र में आयी बाढ एवं बाढ से
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| इस तरह लोग अपना सामान बटोर कर गांवों से करने लगे पलायन |
प्रभावित क्षेत्रों का नाव में बैठकर जायजा लिया तथा प्रभावित लोंगो को ढांढस बंधाते हुए कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह आप लोंगो के साथ हैं तथा बाढ़ से बचाव के लिए पूरे प्रबन्ध किये गये हैं। ग्राम बेंदा में यमुना के किनारे स्थित जूनियर हाई स्कूल जिसमें पूरी तरह से पानी भर चुका है। वहीं स्थापित काली मन्दिर भी बाढ़ में डूबा हुआ है। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा, उप जिलाधिकारी संदीप कुमार एवं तहसीलदार अवधेश निगम तथा बीडीओ तिन्दवारी द्वारा गांव के प्रभावित लोंगो को बिस्कुट, गुड़, चना आदि का वितरण किया तथा नेकी की दीवार में एकत्रित किये गये कपड़े आदि का वितरण प्रभावित लोंगो को किया गया। पुलिस अधीक्षक गणेश साहा ने कहा कि दैवीय आपदा बाढ से प्रभावित लोंगो को किसी प्रकार परेशान एवं भय व्याप्त करने की जरूरत नही है। उनकी सुरक्षा हेतु जिला प्रशासन द्वारा व्यापक उपाय किये गये हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस एलर्ट कर दिया गया है। एक प्लाटून पीएसी तैनात कर दी गयी है। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित तहसील बबेरू एवं तहसील पैलानी के तहसीलदारों को वर्षा से हुए फसल नुकसान आदि का आकलन कराकर शीघ्र रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश दिए गये हैं ताकि प्रभावित लोंगो को शीघ्र राहत प्रदान की जा सके। बाढ़ के निरीक्षण के समय सम्बन्धित अधिकारी/राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे।



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