परियोजना निदेशक का सुमेरपुर में औचक निरीक्षण
हमीरपुर, महेश अवस्थी । सुमेरपुर विकासखण्ड कार्यालय से तबादले के बाद चार्ज न देने वाले तीन कैसियरों को वेतन रोक दिया गया है। परियोजना निदेशक ने कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। जिसमें अभिलेख अधूरे देख वरिष्ठ लिपिक को फटकारा। परियोजना निदेशक चित्रसेन ने सरकारी योजनाओं की समीक्षा की। जिसमें तमाम खामियां देख वे भड़क गये। अभिलेख अधूरे होने पर उन्हें बताया कि यहां से संजय पाण्डेय, महाराजदीन और ईमरानबाबू का तबादला हो गया है। जिन्होंने अभी तक चार्ज नहीं दिया है। जिसके कारण काम अधूरा है।
इसपर निदेशक ने तीनों कैसियरों का वेतन रोकने के लिये जिला विकास अधिकारी, हमीरपुर और कानपुर को पत्र भेजने के निर्देश दिये हैं साथ ही जल्द से जल्द से चार्ज लेकर अधूरे अभिलेख व कार्यों को पूरा करने को कहा है। उन्होंने सभी कर्मचारियों की उपस्थिति और अनुपस्थिति का भी व्यौरा लिया। सख्त चेतावनी दी कि कार्य के प्रति लापरवाही करने वालों पर त्वरित कार्यवाही की जायेगी। सुमेरपुर में तैनात रहे महाराजदीन गोहाण्ड हैं। ईमरानबाबू और संजय पाण्डेय पर गवन का मुकदमा दर्ज है। इस प्रकार तीनों निलम्बित हुये थे। बाद में संजय पाण्डेय कानपुर, ईमरानबाबू सुमेरपुर और महराजदीन का तबादला मौदहा कर दिया गया। मगर तीनों अभी तक चार्ज नहीं लिया है। परियोजना निदेशक चित्रसेन का कहना है कि चार्ज हस्तान्तरित न होने से विकासखण्ड कार्यालय के अभिलेख अधूरे पड़े हैं। चार्ज के लिये तीनों को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। मगर उन्होंने कोई रूचि नहीं दिखाई। इसलिये तीनों के वेतन रोकने के आदेश दिये गये हैं।


No comments:
Post a Comment