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Tuesday, April 14, 2020

देश में लॉक डाउन 3 मई तक बढ़ाया गया.....................

देवेश प्रताप सिंह राठौर 
(वरिष्ठ पत्रकार).

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  कुछ ही दिनों में तीसरी बार देश को संबोधित किया। और कोरोनावायर से देश को कैसे विजय प्राप्त हो इसके लिए उन्होंने और बड़ा निर्णय लेकर 3 मई तक लॉक डाउन की सीमा बढ़ा दी गई है। पहली बार में जनता कर्फ्यू की अपील और दूसरी बार में उन्‍होंने लॉकडाउन का एलान किया था। आज के संबोधन में पीएम मोदी ने सात बातों पर देशवासियों से अमल करने की अपील की। उन्‍होंने ये भी कहा कि इस दौरान 20 अप्रैल के बाद कुछ जगहों पर पाबंदी में कुछ ढील देने पर विचार किया जा सकेगा। इस दौरान यदि कहीं पर अनुमति दी भी गई तो वो भी सशर्त होगी। इसके अलावा कई दूसरी बातों का भी उन्‍होंने जिक्र किया। कुछ बिंदुओं में जानें उनकी कही अहम बातें। मजबूती के साथ कोरेना के खिलाफ भारत की लड़ाई आगे बढ़ रही है। सभी की तपस्‍या त्‍याग की वजह से भारत अब तक इसके नुकसान को कम कर पाया है। आपने कष्‍ट सहकर भी अपने देश को बचाया है। इस दौरान सभी को परेशानियां झेलनी पड़ी लेकिन हर कोई अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्‍य को निभाता चला गया। इसके लिए सभी को नमन ,अपनी इस शक्ति का प्रदर्शन ही उन्‍हें सच्‍ची श्रद्धांजलि है। उनका जीवन हमें हर हाल में जीतने की प्रेरणा देता है। ये वक्‍त भारत में त्‍यौहारों का है लेकिन इसमें भी देश के लोग जिस तरह से संयंम बरत रहे हैं उसके लिए वो धन्‍यवाद के पात्र हैं। दूसरे देशों के मुकाबले भारत ने कैसे इस वायरस को रोकने के प्रयास किए हैं इसके आप सहभागी और साक्षी भी हैं। जब हमारे यहां कोई मामला नहीं था तब हमनें एयरपोर्ट पर बाहर से आने वाले लोगों की जांच शुरू कर दी थी। देश में कोरोना के 100 मरीजों के पहुचंने पर भारत ने बाहर से आने वालों को 14 दिनों के क्‍वारंटाइन करना शुरू कर दिया था। सभी चीजें को बंद कर दिया गया था। 550 मामलों पर लॉकडाउन का एलान किया गया था। हमनें समस्‍या बढ़ने का इंतजार नहीं किया। तेजी से फैसले लेकर समस्‍या को उसी समय रोकने का पूरा प्रयास किया। दुनिया के बड़े देशों की तुलना में भारत काफी संभली हुई स्थिति में है। कुछ समय पहले इस संक्रमण के मामले में दूसरे देश भी भारत के बराबर ही थे, लेकिन आज वहां पर 30 गुना अधिक मामले हैं। हजारों की मौत हो चुकी है। भारत में यदि सही एप्रोच न अपनाई होती तो स्थिति भयावह होती। ये बताता है कि हमारा फैसला सही है। इसकी कीमत हमें काफी बड़ी चुकानी पड़ी है लेकिन लोगों की जिंदगी के आगे ये छोटी ही है। सीमित संसाधनों के बल पर हम जिस राह पर निकले हैं उसकी चर्चा हर जगह हो रही है। सभी इकाइयों और सरकारों ने इसमें जिम्‍मेदारी से काम किया है। हर किसी ने अपनी जिम्‍मेदारी को भलीभांति निभाई है। इन सभी के बीच ये वायरस जिस तरह से फैल रहा है उसने विश्‍व में सरकारों को और सतर्क कर दिया है। भारत में कोरोना के खिलाफ लड़ाई आगे कैसे आगे बढ़े और नुकसान कैसे कम हो इन मुद्दों पर सभी राज्‍यों से चर्चा हुई। सभी की राय थी कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। कुछ राज्‍यों ने ये फैसला पहले ही ले लिया। इसके बाद ही ये तय किया गया भारत में लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाना होगा। ऐसे में सभी को सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन वैसे ही करना है जैसे पहले किया है। इन दिनों में यदि कहीं से कोई मामला आता है तो हमें चिंतित होना चाहिए। नए हॉटस्‍पॉट का बढ़ना हमारे लिए नया संकट पैदा करेगा और हमारे लिए नई चुनौती पेश करेगा। आने वाले दिनों में कठोरता और बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर जगह को बड़ी बारिकी से परखा जाएगा। वहां इसका कितना पालन किया जा रहा है, खुद को कितना बचाए रखा है इसका मुल्‍यांकन किया जाएगा। जो इसमें सफल होंगे उन्‍हें 20 अप्रैल से कुछ गतिविधियों की अनुमति दी जा सकेगी। लेकिन, ये सशर्त दी जाएगी। बाहर निकलने के नियम काफी सख्‍त होंगे। यदि इन्‍हें तोड़ा गया तो अनुमति तुरंत वापस ले ली जाएगी। इसलिए लापरवाही न बरतनी है न दूसरों को बरतने देनी है। बुधवार को सरकार की तरफ से नई गाइड लाइन जारी की जाएगी। गरीबों को ध्‍यान में रखते हुए कई इंतजाम किए गए हैं। वो हमारी सर्वोच्‍च प्राथमिकता है। इनके जीवन की मुश्किलों को कम करना है। पीएम गरीब कल्‍याण योजना में इनका ध्‍यान रखा गया है। नई गाइड लाइंस बनाते समय में भी इसका ध्‍यान रखा गया है। फसल कटाई के दौरान ये ध्‍यान रखा जा रहा है कि किसानों को कम से कम दिक्‍कत हो। देश में राशन का प्रर्यात भंडार है। हेल्‍थ के मोर्च पर हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पहले जहां एक लैब थी वहां अब इनकी सख्‍ंया 250 है। दस हजार मरीजों पर 1500 बैड की जरूरत होती है। लेकिन हम एक लाख से अधिक की व्‍यवस्‍था कर चुके हैं।600 से अधिक अस्‍पतालों में कोविड का ही इलाज हो रहा है। आज भारत के पास जो भी संसाधन हैं उनमें वैज्ञानिकों से विशेष आग्रह है कि वो आगे आएं। कोरोना वैक्‍सीन बनाने का बीड़ा उठाएं। धैर्ये बनाकर रखेंगे और कोरोना महामारी को हराकर दिखाएंगे। सात बातों में आपका साथ: बुजुर्गों का विशेष ध्‍यान रखेंगे। लॉकडाउन और सोशल डिस्‍टेंसिंग की लक्ष्‍मण रेखा का पालन करें। घर में बनें मास्‍क का पालन करें। अपनी इम्‍युनिटी बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय की बताई बातों का पालन करें। कोरोना का फैलाव रोकने के लिए आरोग्‍य सेतू एप को डाउनलोड करें दूसरों को भी प्रेरित करें। जितना हो सकें गरीबों की मदद करें। अपने व्‍यवसाय में काम करने वालों के प्रति संवेदना बरतें किसी को नौकरी से न निकालें। कोरोना योद्धाओं का सम्‍मान करें। ये सप्‍तपदी विजय होने का मार्ग है। पूरी निष्‍ठा के साथ 3 मई तक इसका पालन करें। जहां हैं वहां रहें और सुरक्षित रहें। हम सभी राष्‍ट्र को जीवंत बनाए रखें। सभी के उत्‍तम स्‍वास्‍थ्‍य की कामना। माननीय प्रधानमंत्री जी ने लॉक डाउन के समय बहुत सी बातों का स्मरण कराया तथा लोगों से अपील की कि सभी लोग अपने घरों पर रहे क्योंकि यह कोरोना वायरस एक माहवारी को हम भारत की एकजुटता एकता बनाए रखते हुए हमें कोरोना वायरस को देश से भगाना है।

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