रिपोर्ट देवेश प्रताप सिंह राठौर
अभी मौसम के बदलाव के कारण स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं बढ़ने लगी है। वायरल भी तेजी से फैल रहा है। सर्दी-खांसी, बुखार के साथ पेट रोग के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। डॉक्टर मनोज मिश्रा ( वरिष्ठ फिजीशियन ) ने कहा कि मौसम के बदलाव के कारण लोगों की दिनचर्या में भी बदलाव होता है, शाम को अच्छा मौसम होने पर बाहर की चीजों को खाने पहुंच जाते हैं। यहीं कारण है कि पेट संबंधित रोग बढ़ने लगे हैं। क्योंकि गर्मी में तेल की चीजे ज्यादा खाने से पेट रोग होते हैं। कई लोगों को खाना पचाने में भी परेशानी होती है। वह थोड़ा कुछ खाते हैं और फिर दस्त लग जाते हैं। ऐसे में उन्हें बाहर का तला हुआ नहीं खाना चाहिए।
खानपान का ध्यान रखेंगे तो पेट संबंधित समस्याओं से बचा जा सकता है। घर पर बना हुआ खाना ही खाए। यदि बाहर का खा रहे हैं तो हमें ध्यान रखना चाहिए कि वह स्थान स्वच्छ हो। खुले में रखे हुई खाद्य पदार्थों को खाने से बचना चाहिए। दिनचर्या में शरीर को पर्याप्त आराम देना चाहिए, रोजाना व्यायाम करना चाहिए और भोजन में संतुलित आहार लेना चाहिए।फल, हरी सब्जियां, सलाद के साथ ही पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए। धुम्रपान, शराब आदि का सैवन नहीं करना चाहिए। मोटापा बढ़ने का कारण भी बाहर की तली हुई चीजों का सैवन है। चाय पीने में कोई परेशानी नहीं है, कुछ लोग दिन में 10 बार चाय पीते हैं। इससे परेशानी होती है। एक-दो कप चाय दिनभर में पी सकते हैं।


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