प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन शिक्षामित्रों ने सांसद प्रतिनिधि को सौंपा
बांदा, के एस दुबे । प्रांतीय आवाहन पर शिक्षामित्र नियमितीकरण के लिए अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। रविवार को शिक्षामित्र भाजपा नगर कार्यालय पीलीकोठी में एकत्र हुए। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष दिनकर अवस्थी की अगुवाई में शिक्षामित्रों ने बांदा-चित्रकूट सांसद आरके पटेल के प्रतिनिधि को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। शिक्षामित्रों ने नियमितीकरण किए जाने की मांग की है। शिक्षामित्र संघ के सदस्य बड़ी संख्या में भाजपा नगर कार्यालय पीलीकोठी में एकत्र हुए। जिलाध्यक्ष दिनकर अवस्थी ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सांसद के प्रतिनिधि को सौंपा। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा कि वह प्राथमिक विद्यालयों में विगत 22 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। इस समय लगभग 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं। पारिवारिक
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| सांसद प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपते शिक्षामित्र |
जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शादी विवाह के योग्य हो गए हैं। वर्तमान समय में हमें मात्र 10 हजार रुपये केवल 11 माह का मिलता है जो कि इस महंगाई के दौर में घर खर्च के लिए भी कम पड़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में बहुत से शिक्षामित्र साथी मानसिक अवसाद में जीने को मजबूर हैं। आए दिन उनकी असामयिक मौत हो रही है। उन्होंने सांसद प्रतिनिधि बीके सिंह के आवास पर जाकर प्रधानमंत्री को भेजे जाने वाला ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष ने ज्ञापन में मांग की है कि शिक्षामित्र को नियमावली में संशोधन करके पुनः समायोजित नियमित किया जाए। नई शिक्षा नीति में शिक्षामित्र को भी शामिल करते हुए उनका भविष्य सुरक्षित किया जाए। नियमितीकरण प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रदेश के शिक्षामित्रों को 12 माह, 62 वर्ष आयु तक वेतन दिया जाए। मृतक शिक्षामित्रों के परिजनों को सहायता राशि व उनके आश्रित को जीविकोपार्जन के लिए नियुक्ति प्रदान की जाए। प्रदेश के टीईटी पास शिक्षामित्र को नियमावली में शिथिलता देते हुए सीधे सहायक अध्यापक पद पर नियमित किया जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षामित्र योजना भाजपा सरकार की देन है। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हमें बचाए या हटाएं। इस दौरान महामंत्री ब्रजेश सिंह, जितेंद्र अग्रहरि, योगेश शुक्ला, धनंजय सिंह, विष्णुकांत त्रिवेदी, ओमप्रकाश आदि दर्जनों लोग मौजूद रहे।


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