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Monday, September 2, 2024

भदई अमावस्या में श्रद्धालुओं का उमडा सैलाब

दस लाख भक्तों ने किया दर्शन, साल की सबसे बड़ी अमावस्या

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । भदई सोमवती अमावस्या मेला पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। प्रशासन ने दस लाख श्रद्धालुओं के दर्शन का दावा किया है। सोमवार देर शाम तक ये तादाद बीस लाख पहुंचने के आसार हैं। भदई सोमवती अमावस्या को बड़ी अमावस्या माना जाता है। इसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान से लाखों श्रद्धालु आते हैं। सोमवार को श्रद्धालु मंदाकिनी नदी में स्नान कर भगवान कामदगिरि की पंचकोसी परिक्रमा की। भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास ने बताया कि वनवास काल दौरान मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने यहां 11 साल 11 महीना 11 दिन बिताये थे। मंदाकिनी में स्नान कर भगवान कामदगिरि का पूजन-अर्चन करते थे। माना जाता है कि पवित्र स्थल की परिक्रमा से श्रद्धालुओं की मनोकामनायें पूरी होती हैं। परिक्रमा की दूरी पांच किमी है। श्रद्धालु दंडवत परिक्रमा भी करते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने व सुरक्षा को उप्र-मप्र प्रशासन ने चैकस तैयारियां की हैं। एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि छह जिलों से सुरक्षा बल बुलाये गये हैं। मप्र सतना जिले के एसपी ने बताया कि पांच जिलों की पुलिस को मेला व्यवस्था को तैनात किया है। श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा को प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

 रामघाट में स्नान करते व परिक्रमा लगाते श्रद्धालु।

फिसलन न हो, लगा कच्चे नारियल पर प्रतिबंध

चित्रकूट। परिक्रमा मार्ग की तैयारियों के मद्देनजर एमपी सीमा गुप्त गोदावरी, हनुमान धारा, सती अनुसुइया व कामतानाथ मुखारबिंद, रामघाट, भरत घाट, आरोग्यधाम में खासतौर से नजर है। चित्रकूट पुलिस समेत जिले के तमाम थानों से पुलिस बल व रिजर्व पुलिस तैनात है। इस बार प्रशासन ने कच्चे नारियल पर प्रतिबंध लगा दिया है। कच्चा नारियल फोडने से कामतानाथ प्रमुख द्वार में पानी गिरने से फिसलन पैदा हो जाती है। इससे लोगों के गिरने व भीड में हडकम्प मचने के आसार रहते हैं। इसके मद्देनजर प्रशासन ने कच्चा नारियल फोडने पर प्रतिबंध लगा दिया है। किसी श्रद्धालु को कच्चा नारियल फोडने नहीं दिया गया। एसडीएम मझगवां जितेन्द्र वर्मा ने एक सितंबर से कच्चे नारियल पर प्रतिबंध लगाया है। ये परिक्रमा पथ समेत सभी धार्मिक स्थालों पर लागू रहेगा।


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