फतेहपुर, मो. शमशाद । संगठित अपराध सिंडीकेट के लीडर व सपा नेता के भतीजे के विरुद्ध संगठित अपराध सिंडीकेट के जरिए विधि विरुद्ध क्रियाकलाप करके वित्तीय फायदा प्राप्त करने एवं पीड़ित के साथ छल कर उसका पैसा गबन कर लिए जाने के संबंध में न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने कोतवाली इंस्पेक्टर को एफआईआर दर्ज कर विवेचना किए जाने का आदेश पारित किया है। जानकारी के अनुसार अतीक अहमद पुत्र अनीस अहमद निवासी पनी मोहल्ला हाल पता सैय्यदवाड़ा लाला बाजार थाना कोतवाली सपा नेता का भतीजा है और संगठित अपराध सिंडीकेट का सामूहिक रूप से सामान्य मति से हत्या भूमि हथियाना, आर्थिक अपराध करना, अवैध हथियार रखना इत्यादि के सतत विधि विरुद्ध क्रियाकलाप करके वित्तीय फायदा प्राप्त करने वाला व्यक्ति है। जिसके विरुद्ध पिछले दस वर्षां में हत्या, भूमि हथियाने एवं आयुध अधिनियम तथा गैंगस्टर अधिनियम इत्त्यादि के एक से अधिक मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन है। जिनमें न्यायालय द्वारा संज्ञान भी लिया जा चुका है। अतीक अहमद दबंग व भूमाफिया व्यक्ति है जिसमे छल द्वारा कृष्ण बिहारी नगर निवासी शोएब खान से सन 2016 में प्लाट देने के नाम पर आठ लाख रुपये नकद प्राप्त किये थे और छल द्वारा कूट करण कर उनका गबन कर लिया था।
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वादी के अधिवक्ता जावेद खान एवं वादी शोएब खान। |
जिसके संबंध में वादी शोएब खान ने पहले ही मुकदमा दर्ज करा रखा है। उसमे कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अतीक अहमद ने पुनः छल द्वारा वादी मुकदमा शोएब बान को गुमराह करने के लिए हर्जा सहित 850000 साढे आठ लाख रूपए की अदायगी में अपने खाते की पोस्ट डेटेड चेकें दी। जो डिस्आनर हुई और उनके उनके डिस्आनर होने की दशा में पैसा मागे जाने पर अतीक अहमद ने वादी शोएब खान को जान मारने की धमकी दी। जिसके संबंध में पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने पर वादी मुकदमा ने अपने अधिवक्ता जावेद खान एडवोकेट के जरिये न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। जिस पर वादी के अधिवक्ता जावेद खान के तर्कों को सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उक्त मामले में प्रार्थना पत्र वर्णित तथ्यों के अधार पर समुचित धाराओ में प्रथम सूचना रिपोर्ट अंदर सप्ताह दर्ज कर विवेचना करना सुनिश्चित करने के लिए इन्स्पेक्टर कोतवाली को 29 मार्च को आदेशित किया है। वादी के अधिवक्ता जावेद खान ने बताया कि ये प्रकरण छल के साथ ही भारतीय नयाय संहिता में उपबंधित धारा 111 में वर्णित नए अपराध संगठित अपराध कारित करने का मामला है।
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