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Sunday, March 30, 2025

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पांच बच्चों की मां भांजे संग फरार, न्याय की आस में भटकता पति

व्यक्त की पुरूष होने की वेदना

पुलिस ने नही दर्ज की प्राथमिकी

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । समाज में मातृत्व और परिवार को सबसे पवित्र माना जाता है, लेकिन जनपद के पहाड़ी थाना क्षेत्र से आई इस खबर ने इन रिश्तों की परिभाषा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पांच बच्चों की मां अपने ही भांजे संग घर छोड़कर फरार हो गई, पीछे छोड़ गई तो बस बिलखते बच्चे व न्याय की आस में दर दर भटकता एक बेबस पति। ग्राम परसौंजा निवासी परदेशी (40 वर्ष) पुत्र मंगलवा ने बताया कि करीब 20 वर्ष पहले उनका विवाह कविता (पुत्री विश्वनाथ) से हुआ था। परिवार में सबकुछ ठीक चल रहा था। पांच बच्चों के साथ गृहस्थी की गाड़ी आगे बढ़ रही थी। लेकिन जिस घर को उन्होंने प्रेम और भरोसे से बसाया था, वह एक ही झटके में उजड़ गया। परदेशी अपनी 17 वर्षीय बड़ी बेटी की शादी की तैयारियों में व्यस्त थे, जब उनकी पत्नी कविता घर में रखे जेवरात व नगदी समेटकर कर्वी में रहने वाले अपने भांजे के साथ भाग निकली। घर में यह खबर पहुंचते ही पांच मासूम बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। चौंकाने वाली बात यह है कि परदेशी जब अपनी फरियाद लेकर पहाड़ी थाना पहुंचे, तो

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बेटियों संग बेबस परदेशी

पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और टरका दिया। उनकी पीड़ा और बढ़ गई जब उन्हें महसूस हुआ कि एक पुरुष की शिकायत को समाज और प्रशासन गंभीरता से नहीं लेता। उनका सवाल है कि अगर कोई महिला शिकायत करती, तो पुलिस तुरन्त कार्रवाई करती, लेकिन पुरुष की पीड़ा की कोई सुनवाई क्यों नहीं? इस घटना के बाद पांच मासूम बच्चों का संसार बिखर गया है। मां की ममता से वंचित हुए ये बच्चे हर किसी से बस एक ही सवाल पूछ रहे हैं- क्या अब मां कभी लौटेगी? घर में अब सन्नाटा पसरा है। पिता अपनी बेबसी के साथ जीने को मजबूर है, तो बच्चे अपनों की तलाश में भटक रहे हैं।  


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