कानपुर, प्रदीप शर्मा - भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के माध्यम से देश में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को और बेहतर करने के उद्देश्य से लगातार समीक्षा और मानीटरिंग कर रहे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आईसीएआर के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने आईसीएआर के बागवानी प्रभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए कि वे वैश्विक उत्पादकता में हमारे देश की ऊपरी पायदान पर छलांग लगाने के लक्ष्य के साथ जुटकर काम करें। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने बागवानी क्षेत्र के विकास और बागवानी से जुड़े किसानो के हित में अपने व्यापक विचार साझा करते हुए कहा कि आने वाले समय में सामाजिक-आर्थिक समृद्धि और बढ़ेगी, बागवानी उत्पादों की उपभोक्ता मांग में भी तेजी से बढ़ेगी, इसे दृष्टिगत रखते हुए बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए और अच्छे तरीके से काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र में अनुसंधान के लोकव्यापीकरण के लिए अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इलायची, केसर, सूपारी, काली मिर्च इत्यादि जैसे विशेष किस्म की फसलों की पैदावार के संबंध में और विशेष शोध और प्रयास करने की कोशिश होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि नई किस्मों के साथ-साथ अच्छा उत्पादन देने वाली कुछ पुरानी किस्मों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी हमारे वैज्ञानिक प्रतिबद्ध है। उन्होंने कुछ फसलों, विशेषकर आलू, प्याज, टमाटर के संदर्भ में बात करते हुए कहा कि इनके मामले में किसानों को मिलने वाला दाम और उपभोक्ताओं द्वारा देय राशि के बीच का अंतर कम होना चाहिए, ताकि सीधा लाभ किसानों तक पहुंच सके।बैठक में आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट सहित सभी उप महानिदेशक और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


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