ग्रामीणों ने बाढ़ आपदा केंद्र में ली पनाह
फतेहपुर, मो. शमशाद । बरसात में पांडु नदी के बाढ़ के पानी ने एक बार फिर से किसानों के ऊपर कहर ढा दिया। जिससे मलवां ब्लॉक स्थित कई गांव की सैकड़ो बीघा खेती जलमग्न होने के अलावा आधा दर्जन से अधिक गांव भी आंशिक व पूर्ण रूप से बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ से प्रभावित गांव के लोगों को जिला प्रशासन द्वारा बनाये गये आपदा शिविरों में रखा गया है। वही घरों में पानी भरने के कारण गांव छोड़कर शिविरों में रह रहे लोगों के सामने उनके खुद के खाने एवं मवेशियों के चारे पानी की भी समस्या सामने आ रही हैं। लोगों की समस्याएं देखते हुए सामाजिक लोग राहत सामग्री देकर मदद कर रहे हैं।
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| पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से डूबे खेतों का दृश्य। |
मलवां विकास खंड से होकर निकलने वाली पांडु नदी बरसात के दिनों में उफान पर आ जाती है। छिवली नदी से निकली पांडु नदी जनपद से होते हुए उन्नाव जनपद में गंगा नदी में मिलती है। हर वर्ष बरसात के मौसम में नदी में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। बाढ़ के कारण ब्लाक के गुनीर गाँव के मजरे रामदीनखेडा, दलाखेडा, कुम्हारनडेरा की लगभग 500 बीघा के करीब फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है। खेतों में लगभग एक मीटर तक पानी भरने से खेतो में नाव चलने की नौबत आ गयी।
किसान के माथे पर चिंता की लकीरें
नदी का पानी बाढ़ के रूप में किसानों के लिए कॉल बनकर आया जिससे रामदीनखेडा, दलाखेडा, कुम्हारनडेरा के ग्रामीणों की सैकड़ो बीघा धान, बाजरा, सब्जी, फूल की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई है। किसानों को भीषण आर्थिक नुकसान के साथ साथ साल भर के अनाज के जुगाड़ की भी चिंता है।
जिला प्रशासन ने उपलब्ध कराई व्यवस्थाएं
बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए जहां जिला प्रशासन द्वारा पहले ही व्यवस्थाओ को दुरुस्त किया गया है। बाढ़ प्रभावित गांव के लोगो के रहने के लिए बाढ़ आपदा शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। जिलाधिकारी रविंद सिंह स्वयं बाढ़ की जानकारी ले रहे हैं एवं उनके निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना समेत अन्य अफसर दौरा कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लेने में लगे हुए है।
मदद को उठे हाथ
बाढ़ प्रभावित गांवों गुनीर के मजरे रामदीनखेड़ा में लोगों को ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनोद विश्वकर्मा ने लोगों से मिलकर उनका हाल जाना एवं राहत सामग्री वितरित आगे भी मदद का भरोसा दिया।


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