90 फीसदी मार्ग बदहाल, सवालों से घिरी प्रदेश सरकार 0 विधानसभा में मचा सियासी भूचाल
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । विधानसभा के प्रथम सत्र 2026 के प्रथम बुधवार को चित्रकूट सदर के विधायक अनिल प्रधान ने सदन में प्रदेश की जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के ग्रामीण संपर्क मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं और हालत ऐसी है कि समझ में नहीं आता सड़क पर गड्ढा है या गड्ढों पर सड़क। लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं, जनता की परेशानी और कमजोर होती अर्थव्यवस्था का हवाला देते हुए उन्होंने गड्ढामुक्त योजना को विफल बताया। उनका कहना था कि जब तक मार्गों का शून्य से लेपन तक समुचित पुनर्निर्माण नहीं होगा, तब तक सुधार संभव नहीं। विधायक ने विधानसभा 236 चित्रकूट की 90 प्रतिशत
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| सदर विधायक चित्रकूट अनिल प्रधान |
सड़कों को बदहाल बताते हुए शिवरामपुर बीओपी, चिल्लीमल, पहाड़ी-लमियारी, राजापुर-भदेदू-चांदी जैसे प्रमुख मार्गों की दुर्दशा का जिक्र किया और कहा कि बरसात के बाद सड़कें स्विमिंग पूल बन जाती हैं, जहां बच्चे तक तैरते नजर आते हैं। उन्होंने राज्य सड़क निधि के प्रस्तावों की अनदेखी, शिवरामपुर-कौंहारी बीओपी मार्ग की लंबित बजट स्वीकृति तथा देवांगना घाटी से खोह और भरतकूप तक बाईपास निर्माण की मांग भी उठाई। तारांकित व अतारांकित प्रश्नों के माध्यम से मुख्यमंत्री से सड़क मरम्मतीकरण योजना, नए संपर्क मार्गों के निर्माण, चौड़ीकरण, रेलवे ओवरब्रिज और 33/11 विद्युत उपकेंद्र स्थापना पर स्पष्ट जवाब मांगा। अंत में उन्होंने सवाल किया कि क्या दिसंबर 2026 तक प्रदेश की जर्जर सड़कों को चलने लायक बनाया जाएगा या जनता यूं ही गुमशुदा सड़कों को तलाशती रहेगी।


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