महिला ने होटल में यौन उत्पीड़न कर धर्मांतरण का दबाव बनाने का मढ़ा था आरोप
फतेहपुर, मो शमशाद । अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम अशोक कुमार-12 की अदालत ने बिंदकी कोतवाली के यौन उत्पीड़न व मारपीट व जान से मार देने की धमकी देने के मामले की सुनवाई की बयानों की भिन्नता एवं चिकित्सीय साक्ष्य के अभाव में आरोपित की जमानत मंजूर कर ली। आरोपी पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद खान व साथी अधिवक्ता शोएब खान ने तर्क रखे। बताते चलें कि बिंदकी कोतवाली क्षेत्र की एक महिला को मोहम्मद अरशद बहला फुसलाकर लगभग तीन वर्षों तक अपने साथ चैडगरा व बकेवर होटलों में रखता रहा और उसके साथ दुष्कर्म किया। धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने लगा और जबरन मुसलमान बनाने के लिए कहने
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| वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद खान व साथी अधिवक्ता शोएब खान। |
लगा। महिला द्वारा इनकार किए जाने पर 16 जनवरी 2026 को चार बजे मोहम्मद अरशद व उसके घर वालों ने महिला को अपने घर बुलाकर उसे लाठी डंडों से बुरी तरह मारापीटा व जान से मारने की धमकी दी। जिसके संबंध में 20 जनवरी को क्षेत्राधिकारी के आदेश से महिला की प्रथम सूचना रिपोर्ट थाना बिंदकी में दर्ज की गई और मुल्ज़िम अरशद को गिरफ्तार कर पुलिस ने 29 जनवरी को जेल भेज दिया। मुल्ज़िम के वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद खान व साथी अधिवक्ता शोएब खान ने उसकी ओर से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए जोरदार तर्क प्रस्तुत किया और चिकित्सीय साक्ष्य से घटना की पुष्टि न होने की बात कही। जिससे घटना संदिग्ध प्रतीत होना बताया। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने व विचार में लेने के उपरांत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम अशोक कुमार-12 ने अभियुक्त मोहम्मद अरशद की जमानत मंजूर किए जाने का आदेश पारित किया।


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