चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । रविवार को कुबेरगंज स्थित योगाचार्य रमेश सिंह राजपूत ने मेरु आकर्षणासन का अभ्यास कराते हुए बताया कि इस योग के निरंतर अभ्यास से पूरे पैरों में रक्त संचार बेहतर कर सकते हैं, क्योंकि यह पैरों की नसों में जबरदस्त खिंचाव पैदा करता है। कमर व पैरों के बीच के संधि स्थल में लोच पैदा करता है साथ ही नितंब और जंघाओं में जमी अतिरिक्त चर्बी को कम करता है और उन्हें सुडौल, सुंदर, निरोग बनता है। पैरों की थकान मिटाकर उन्हें ऊर्जावान बनाता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेटते हैं और दाहिने करवट लेकर दाहिने हाथ को सहारा देते हुए सर को ऊपर उठाकर हथेली पर रखते हैं एवं बाएं पैर पर बाएं हाथ को रखते हैं, अब धीरे-धीरे बाएं पैर
को ऊपर की ओर उठाते हुए बाएं हाथ से पैर के अंगूठे को पकड़ने की कोशिश करते हैं संभव न हो तो पिंडली या टखने को ही पकड़ते हैं और पैर को सीधा करते हुए तानते हैं, 30 सेकंड इस स्थिति में ठहरकर मूल अवस्था में वापस आते हैं। यही क्रिया दूसरी तरफ से भी करते हैं। सावधानी के तौर पर स्लिप डिस्क, सर्वाइकल समस्या या साइटिका के रोगी इसे विशेषज्ञ की देखरेख में करें।


No comments:
Post a Comment