चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव इला चैधरी ने बुधवार को राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) चित्रकूट का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बाल अपचारियों को जागरूक किया। निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण सचिव ने सम्प्रेक्षण गृह में आवासित बाल अपचारियों को मिल रही सुविधाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा सम्बन्धितों का आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विश्व पृथ्वी दिवस पर आयोजित विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम में प्राधिकरण सचिव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति
जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है, जो 1970 से पर्यावरण संरक्षण की वैश्विक पहल का प्रतीक है। बताया कि इस वर्ष की थीम ‘‘प्लास्टिक प्रदूषण मुक्त पृथ्वी‘‘ है, जो प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभावों पर केंद्रित है। पर्यावरण संरक्षण केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक कर्तव्य है। प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करना हमारा संवैधानिक कर्तव्य भी है, जैसा कि भारतीय संविधान में उल्लिखित है। इस दौरान सम्प्रेक्षण गृह में आवासित बाल अपचारियों के मध्य पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाले बाल अपचारियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही अन्य बाल अपचारियों को सांत्वना पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया गया। इस मौके पर संस्था अधीक्षक बीर सिंह, परामर्शदाता दीपक शर्मा सहित किशोर न्यायबोर्ड सदस्य आदि मौजूद रहे।
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