बबेरू/ बांदा, के एस दुबे । बबेरू कस्बे में बुंदेली संस्कृति और पारंपरिक गायन के संरक्षण को समर्पित दो दिवसीय गायन प्रतियोगिता 'सुरों का महासंग्राम' कस्बे के श्री मैरिज हाल, बबेरू में सफलतापूर्वक आयोजन हुआ। गायिका ज्योति पटेल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने क्षेत्र व अन्य जनपद के संगीत प्रेमियों को एक अनूठे और सांस्कृतिक अनुभव से सराबोर कर दिया। सांस्कृतिक विरासत को मिला नया मंच 12 और 13 अप्रैल को आयोजित इस महाकुंभ में बुंदेलखंड के विभिन्न जगहों से आए कलाकारों ने सुगम और पारंपरिक बुंदेली गायन शैलियों की शानदार प्रस्तुति दी। आयोजक ज्योति पटेल ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विलुप्त होती बुंदेली
विधाओं को बचाना और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना था, जिसमें वे पूरी तरह सफल रहीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि बाँदा चित्रकूट सांसद कृष्णा देवी व पूर्व मनातरी शिवशंकर सिंह पटेल ने दीप प्रज्वलित कर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से ही हमारी मिट्टी की खुशबू और लोक कलाएं जीवित रहती हैं।
विशेष आकर्षण:
उर्मिला पाण्डेय की प्रस्तुति: राष्ट्रपति अवार्ड (2019) से सम्मानित लोकगायिका श्रीमती उर्मिला पाण्डेय ने अपनी जादुई आवाज से समां बांध दिया। जिसमे गायन मे स्वेता प्रजापति बांदा प्रथम अतुल पटेल चित्रकूट द्वितीय, शेषमन चित्रकूट तृतीय स्थान प्राप्त किया. इसी तरह बुदेली गायन प्रथम स्थान दीपांशी बबेरू द्वितीय स्थानरामसेवक पटेल छतरपुर तृतीय स्थान तारावती चित्रकूट, प्राप्त कर विजेता बनी। आयोजन समिति बबेरू ने कार्यक्रम की अपार सफलता पर खुशी जाहिर की है। दो दिनों तक चले इस सांस्कृतिक महोत्सव में भारी संख्या में पहुंचे दर्शकों ने कलाकारों का हौसला अफजाई किया । स्थानीय लोगों का कहना है कि बबेरू के इतिहास में बुंदेली कला को बढ़ावा देने का काम किया कार्यक्रम का संचालन राकेश सोनी व समर सिंह ने किया इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल, जेडीयू प्रदेश उपाध्यक्ष शालनी सिंह पटेल,ब्लाक प्रमुख रमाकान्त पटेल, पीसी पटेल, ग्राम विकास अधिकारी प्रभाकर पटेल,सहित गणमान्य लोग व सैंकड़ो की संख्या में दर्शक मौजूद रहे, आए हुए अतिथियों दर्शकों प्रतिभागियों का आभार प्रकट किया है।


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