14519 युवाओं के लिए खुले रोजगार के द्वार
17094 करोड़ रुपये के निवेश से बदला जिले का स्वरूप
बुनियादी ढांचे और उद्योगों को मिले नए पंख
बांदा, के एस दुबे । कभी पिछड़ेपन और पलायन के लिए पहचाने जाने वाले बुंदेलखंड के बांदा जनपद की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश की नीतियों ने जनपद को औद्योगिक हब के रूप में स्थापित कर दिया है। सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि बांदा में अब तक कुल 17094 करोड़ रुपये का भारी-भरकम औद्योगिक निवेश धरातल पर उतर चुका है। जिसने जिले के आर्थिक विकास को नई ऊर्जा प्रदान की है।
युवाओं के लिए खुला नौकरियों का पिटारा
योगी सरकार के प्रयासों के चलते जिले के युवाओं को उनके अपने घर में ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार इस भारी निवेश के माध्यम से अब तक 14519 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है। प्रशासन का दावा है कि आने वाले समय में अप्रत्यक्ष रूप से हजारों अन्य परिवारों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी कम हुई है बल्कि युवाओं का महानगरों की ओर होने वाला पलायन भी थमा है।
डिफेंस कॉरिडोर और बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस-वे जैसी बड़ी परियोजनाओं ने निवेशकों को किया आकर्षित डिफेंस कॉरिडोर और बुंदेलखण्ड एक्सप्रेस-वे जैसी बड़ी परियोजनाओं ने बांदा को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है। औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत निवेशकों को मिल रही सब्सिडी और सुविधाओं के चलते लघु एवं बड़े उद्योगों की बाढ़ आ गई है। जहां रोजगार की तलाश में पहले यहां के लोगों को भटकना पड़ता था। वहीं अब योगी सरकार के विजन से बांदा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का रोल मॉडल बनता जा रहा है। सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और स्थानीय स्तर पर अवसरों की उपलब्धता से युवा वर्ग उत्साहित है। बांदा के इस औद्योगिक कायाकल्प को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अटूट प्रतिबद्धता का परिणाम माना जा रहा है। जिसने बुंदेलखंड के इस जनपद को निवेश और रोजगार के मानचित्र पर सफलता के झंडे गाड़ने के काबिल बनाया है।


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