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Sunday, May 17, 2026

सुख मिलने पर भी करते रहना चाहिए भगवान का स्मरण: डॉ. श्याम सुंदर

श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा तीन

चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : धर्मनगरी स्थित राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह यज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास डॉ श्याम सुंदर पाराशर महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान कराते हुए सत्य के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सभी धर्म ग्रंथों, समुदायों और पंथों में सत्य का विशेष आदर किया गया है। संसार में केवल भगवान का नाम ही मंगलमय है, इसलिए प्रत्येक शुभ कार्य के पूर्व मंगलाचरण कर प्रभु का स्मरण किया जाता है। बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के मंगलाचरण में शुकदेव महराज ने सत्य की वंदना की है। सत्य की महिमा ऐसी है कि हर व्यक्ति अपने जीवन में सत्य की अपेक्षा करता है। यहां तक कि चोरी करने वाले लोग भी आपस में बंटवारे के समय सत्यता की उम्मीद रखते हैं। महाभारत प्रसंग का वर्णन करते हुए कुंती


महारानी की स्तुति का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि माता कुंती ने भगवान श्रीकृष्ण से वरदान स्वरूप विपत्ति मांगी थी, क्योंकि विपत्ति में ही प्रभु के चरणों का स्मरण बना रहता है। सुख मिलने पर मनुष्य भगवान को भूल जाता है, जबकि दुख और संकट के समय ही प्रभु का स्मरण होता है। उन्होंने शुकदेव महराज के जन्म प्रसंग का भी विस्तृत वर्णन किया। इस मौके पर जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश खरे, राष्ट्रीय रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत करवरिया, समाजसेवी विवेक अग्रवाल, यजमान दिल्ली के डिप्टी पुलिस कमिश्नर अभिषेक मिश्रा, महेंद्र मिश्रा, आनंद सिंह पटेल, डॉ. संतोष मिश्रा, ज्ञान चंद्र, आनंद मिश्रा आदि मौजूद रहे। मनोज द्विवेदी आदि मौजूद रहे।


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