डीएम के नए प्रयोग से दफ्तरों में बढ़ी अफसरों की मौजूदगी - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Thursday, May 21, 2026

डीएम के नए प्रयोग से दफ्तरों में बढ़ी अफसरों की मौजूदगी

जनसुनवाई के समय कार्यालय में बैठना अनिवार्य, वीसी के जरिए हो रही निगरानी

फतेहपुर, मो शमशाद । जनपद में अधिकारियों की मनमानी कार्यशैली पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स का नया प्रशासनिक प्रयोग असर दिखाने लगा है। जनसुनवाई के दौरान कार्यालयों से गायब रहने वाले अधिकारियों के लिए अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व्यवस्था परेशानी का कारण बनती जा रही है। डीएम की इस पहल से न सिर्फ अधिकारियों की समय पर कार्यालय में मौजूदगी सुनिश्चित हो रही है, बल्कि आम जनता की शिकायतों के निस्तारण में भी तेजी आई है।

जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स।

शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करें और आने वाले फरियादियों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित करें। इसी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है। जनसुनवाई के दौरान सभी संबंधित अधिकारी वीसी के माध्यम से सीधे जिलाधिकारी से जुड़े रहते हैं। इस दौरान प्राप्त शिकायतों को तत्काल संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाता है, जिससे समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि पहले जनसुनवाई के समय कई अधिकारी कार्यालयों से नदारत रहते थे, लेकिन अब वीसी व्यवस्था के चलते उन्हें निर्धारित समय पर दफ्तर में उपस्थित रहना पड़ रहा है। डीएम की इस सख्ती से लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स का कहना है कि इस व्यवस्था से अधिकारियों की कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित हो रही है तथा जनता दर्शन में आने वाली शिकायतों के समाधान के लिए मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है। डीएम के इस प्रयोग को आमजन भी सकारात्मक पहल मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि अब अधिकारियों से मिलने और अपनी समस्या रखने में पहले की तुलना में आसानी हो रही है। वहीं प्रशासनिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि क्या मनमौजी अधिकारी इस नई व्यवस्था का भी कोई विकल्प तलाश पाएंगे या फिर उन्हें अपनी कार्यशैली में बदलाव लाना पड़ेगा।


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages