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Wednesday, May 27, 2026

हत्या करने के बाद घर फूंकने वाले तीन दोषियों को उम्रकैद

कोर्ट ने प्रत्येक पर लगाया 45 हजार का जुर्माना 

फतेहपुर, मो शमशाद । हत्या व आगजनी के एक सनसनीखेज मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब पंद्रह वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 45 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। फैसले के बाद पीड़ित परिवार को लंबे इंतजार के बाद न्याय मिला है। मामला थाना गाजीपुर क्षेत्र के ग्राम चक गाजीपुर का है। वर्ष 2011 में पुरानी रंजिश को लेकर आरोपियों ने वादिनी पक्ष के घर पर हमला बोल दिया था। आरोप है कि आरोपियों ने घर पहुंचकर गाली-गलौज, मारपीट और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से

कोर्ट से सजा सुनाए जाने के पश्चात अभियुक्तों को लेकर जाती पुलिस।

घायल हो गए थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पीड़िता सूर्यकली पत्नी लालता निवासी चक गाजीपुर की तहरीर पर थाना गाजीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में कृष्णपाल उर्फ नेता पुत्र सुखदेव, सुरेश विश्वकर्मा पुत्र रामरतन निवासी चक गाजीपुर, राजेन्द्र विश्वकर्मा पुत्र स्वर्गीय रामसरन निवासी मुश्तफापुर थाना हुसैनगंज को आरोपी बनाया गया था। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मुकदमे की लगातार मॉनिटरिंग की गई। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और एडीजीसी प्रमिल श्रीवास्तव द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। मजबूत साक्ष्यों और वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर माननीय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायालय संख्या-2 ने तीनों अभियुक्तों को धारा 302, 34, 436, 504 एवं 506 भादवि में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इस कार्रवाई में निरीक्षक श्रवण कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अश्विनी कुमार वर्मा, उपनिरीक्षक जयप्रकाश पाठक, मुख्य आरक्षी प्रदीप पाल, महिला कांस्टेबल श्वेता पटेल समेत पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस विभाग ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन की बड़ी सफलता बताया है।


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