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Thursday, May 28, 2026

हीट वेव (लू) से पशुओं के बचाव हेतु जिलाधिकारी की अपील

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

  • उत्तर प्रदेश झांसी भीषण गर्मी व लू से पशुओं को राहत व बचाव हेतु जारी की गई एडवाइजरी
  • जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने जनपदवासियों को सूचित करते हुए कहा कि वर्तमान में अत्यधिक गर्मी एवं हीट वेव (लू) की स्थिति को देखते हुए पशुओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति विशेष सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है।    
  • जिलाधिकारी ने समस्त पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को भीषण गर्मी से बचाने हेतु निम्नलिखित उपाय अपनाएं।

 जानवरों में उक्त लक्षण जैसे थकान व अत्यधिक कमजोरी महसूस होना, भूख में कमी आना, दुधारू पशुओं का दूध कम हो जाना, गर्भित पशुओं में गर्भपात होना, पशुओं में स्ट्रेस (तनाव) स्तर बढ़ जाना जिससे प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ जाती है। पशुओं में बुखार होना, समय पर पानी की पुर्ति न होने पर पशु की मृत्यु भी हो सकती है।


उन्होंने बचाव की जानकारी देते हुए बताया कि पशुओं को सीधे धूप में न बांधें तथा छायादार एवं हवादार स्थान पर रखें। पशुओं को दिन में कई बार स्वच्छ एवं ठंडा पानी उपलब्ध कराएं। दोपहर के समय पशुओं को बाहर चराने या अनावश्यक रूप से ले जाने से बचें। पशुशालाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन एवं पानी के छिड़काव की व्यवस्था करें। पशुओं को ताजा एवं पौष्टिक चारा दें तथा खराब या सड़ा हुआ चारा न खिलाएं। हीट स्ट्रोक के लक्षण जैसे अत्यधिक हांफना, कमजोरी, सुस्ती या भोजन न करना दिखाई देने पर तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय से संपर्क करें।

     उन्होंने अपील करते हुए कहा कि दुधारू पशुओं की विशेष देखभाल करें तथा समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। अपने घर के बाहर पीने का पानी रखें, पक्षियों के लिए छत पर पानी रख सकते हैं, पानी को समय-समय पर बदलते रहें, गर्म पानी नुकसान कर सकता है, यदि पशु/पक्षी अत्यधिक हॉंफ रहा है व मुॅंह से लार गिर रहा है उसके हृदय की गति बढ़ गयी हो व निढ़ाल हो गया हो तो यह गर्मी से होने वाले हीट स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत ही नजदीकी पशु चिकित्सक को दिखायें। 

     उन्होंने सुझाव दिया कि भार ढ़ोने वाले पशुओं को दोपहर 12 बजे से 03 बजे तक आराम दें। 37 डिग्री से अधिक तापमान होने पर इस नियम का पालन अवश्य करें अन्यथा यह पशु क्रूरता का अपराध माना जायेगा। पशुओं को रोज नहलायें। गर्म हवा के सम्पर्क से बचायें। गर्म हवा रोकने के लिए पर्दे लगायें। पशुघर की छत अगर टीन की हो तो छत पर पराली डाल दें ताकि छत गर्म न हो। पालतु पशुओं को सन्तुलित पशु आहार, नमक व मिनरल मिक्चर नियमित रूप से दें। जिलाधिकारी ने कहा है कि पशु भी जीवित प्राणी हैं और अत्यधिक गर्मी में उनकी सुरक्षा एवं देखभाल करना हम सभी की जिम्मेदारी है। सभी संबंधित विभागों को भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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