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Tuesday, June 2, 2026

तीन दिवसीय आई एक्सल 3.0 इंडिया कार्यशाला का सदगुरू नेत्र चिकित्सालय में हुआ शुभारंभ

कोई भी कार्य के लिए विजन और मिशन साफ होना चाहिए डॉ इलेश जैन

चित्रकूट, ,  सुखेन्द्र अग्रहरि - भारत में पहली बार संत रणछोड़दास जी महाराज द्वारा स्थापित अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध संस्थान सदगुरू नेत्र चिकित्सालय में आई एक्सल 3.0 इंडिया की तीन दिवसीय  कार्यशाला का हुआ शुभारंभ। इस कार्यशाला में भारत के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों/ नेत्र चिकित्सालयों के विभागाध्यक्ष, एवं  प्रशासक स्तर के लगभग 50 लोगो ने  प्रतिभाग किया। जिसका मुख्य उद्देश्य नेत्र चिकित्स्लयों की टीमों को नेत्र सेवा को और अधिक बेहतर बनाने के एवं आधुनिक उच्च गुणवत्ता वाली प्रशिक्षण देने के लिए तैयार करना है। इस कार्यशाला में प्रशिक्षण देने के लिए भारत के कोने कोने से विख्यात ट्रेनर्स  आए हुए है,जैसे सेवा फाउंडेशन जो कि विश्वस्तरीय ट्रेनिग संस्थान है,से अरुण आचार्या जी,डॉ आशीष रस्तोगी आए हुए है। इस तीन  दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन श्री सदगुरू सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं निदेशक डा इलेश जैन, सेवा फाउंडेशन से आए मुख्य ट्रेनर अरुण आचार्या,


डॉ आलोक सेन, डा आशीष बजाज, सुबीश जी एवं विभिन्न संस्थानों से कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले सभी ट्रेनर्स एवं  प्रतिभागियों ने  गुरु पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर किया। तत्पश्चात डा इलेश जैन, डा आलोक सेन  एवं डा आशीष बजाज एवं  सुबीश जी ने सभी ट्रेनरों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए ट्रस्टी डा इलेश जैन ने संक्षेप में श्री सदगुरू सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा प्रारम्भ से अब तक संचालित सभी प्रकल्पों के बारे में अवगत कराया। साथ ही पद्मश्री स्व डॉ बी के जैन कि अद्वतीय कमी को एहसास करते हुए उन्हें तहेदिल से याद करते हुए बताया कि 1974  से 2026 तक में पद्मश्री स्व. डॉ बी के जैन के कुशल नेतृत्व में ट्रस्ट और नेत्र चिकित्सालय ने जो देश दुनिया में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है उस पर भी प्रकाश डाला। साथ ही कार्यशाला में आए हुए

सभी प्रतिभागियों से आपस में एक दूसरे से अनुभव साझा करने को कहा एवं नेत्र सेवा के क्षेत्र में पहले से और अधिक नई आधुनिकता के साथ बेहतर गुणवत्ता प्रदान करने की बात कही उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य के लिए विजन और मिशन सबका साह होना चाहिए। और कहा कि मेरा सभी से एक ही कहना है कि आप लोग चाहे जहां भी रहकर काम करें पर नेत्र रोगियों कि बहुत ही अच्छे ढंग से गुणवत्ता पूर्ण एवं सच्चे मन से  सेवा करे। वही सेवा फाउंडेशन से आए मुख्य ट्रेनर अरुण आचार्या ने आए सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन ब्यक्त करते हुए कहा कि यहां कोई एक ट्रेनर नही बल्कि कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले सभी प्रतिभागी ट्रेनर है सब एक दूसरे से अपने अपने अनुभव साझा करे।

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