बांदा, के एस दुबे । एक तरफ जहां पारा 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है और लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ बांदा के ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। ताजा मामला बड़ोखर खुर्द ब्लॉक के ग्राम पंचायत गुरेह से सामने आया है, जहां पिछले एक सप्ताह से बिजली पूरी तरह गुल है। विभागीय लापरवाही से तंग आकर 3 जून को भारी संख्या में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 4 जून तक बिजली बहाल नहीं हुई, तो वे बबेरू रोड पर चक्का जाम करेंगे।
डीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि आधे से ज्यादा गांव की आबादी पिछले सात दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर है। इस भीषण उमस और गर्मी में बिजली न होने से न सिर्फ लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था और किसानों की सिंचाई भी पूरी तरह ठप पड़ गई है। पानी के संकट के कारण रोजमर्रा के काम करना भी दूभर हो चुका है। ग्रामीण संतोष, रामसिंह, अजय पटेल, योगेंद्र पाल और शुभम पटेल समेत अन्य ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बिजली गुल होने की शिकायत विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से कई बार मौखिक व लिखित रूप से की जा चुकी है। इसके बावजूद न तो बिजली विभाग की कोई टीम मौके पर जांच करने पहुंची और न ही बिजली आपूर्ति बहाल करने का कोई प्रयास किया गया। विभाग के इस अड़ियल और लापरवाह रवैये को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने प्रशासन को दो-टूक शब्दों में अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि 4 जून 2026 तक गांव की विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से बहाल नहीं की जाती है, तो समस्त ग्रामवासी मजबूर होकर गुरेह में बबेरू रोड पर शांतिपूर्ण धरना और चक्का जाम करेंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि चक्का जाम और आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी बिजली विभाग और जिला प्रशासन की होगी।इस दौरान मुख्य रूप से संतोष, रामसिंह, अजय पटेल, योगेंद्र पाल, शुभम पटेल सहित दर्जनों की संख्या में ग्रामीण और किसान उपस्थित रहे।


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