पीएम के नाम सौंपा 15 सूत्रीय ज्ञापन
बांदा, के एस दुबे । भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी वर्गों के अधिकारों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन ने देश के प्रधानमंत्री को संबोधित एक 15 सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। भीम आर्मी का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी इन वंचित वर्गों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है, जिसके लिए ठोस नीतिगत बदलाव जरूरी हैं।ज्ञापन में संगठन ने प्रमुखता से मांग उठाई कि लोकतंत्र के चारों स्तंभों विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और पत्रकारिता में आरक्षण व्यवस्था को पूरी तरह से लागू किया जाए। भीम आर्मी ने केंद्र सरकार से जल्द से जल्द देश में जातिगत जनगणना कराने की मांग की है, ताकि आबादी के सही आंकड़े सामने आ सकें। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे भूमिहीन गरीब परिवारों को जीविकोपार्जन के लिए कृषि योग्य भूमि के पट्टे
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| भीम आर्मी ने उठाई आरक्षण और जातिगत जनगणना की मांग |
आवंटित करने की भी वकालत की गई है। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर ज्ञापन में कहा गया किनीट जेईई और यूपीएससी जैसी बड़ी परीक्षाओं में आरक्षण व्यवस्था का प्रभावी और पारदर्शी पालन सुनिश्चित हो। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में वंचित वर्गों को समान अवसर मिले। संगठन ने मांग की कि नगर निकायों और पंचायतों में कार्यरत संविदा व निजी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने और ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की गई। साथ ही, सीवर और नालों की सफाई के दौरान होने वाली मौतों को रोकने के लिए आधुनिक मशीनों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया। भीम आर्मी ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप फसलों का लाभकारी मूल्य देने और किसानों को 100 प्रतिशत फसल बीमा उपलब्ध कराने की मांग की। भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि केंद्र सरकार ने इन बुनियादी और न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संगठन देशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा।


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