बांदा, के एस दुबे । जनपद के नरैनी तहसील क्षेत्र अंतर्गत जरर स्थित केन नदी में संचालित खनन पट्टों पर अवैध खनन किए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नदी की जलधारा के बीच तक भारी मशीनें उतारकर खनन कार्य कराया जा रहा है, जिससे पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन होने के साथ-साथ जलीय जीव-जंतुओं के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि खलारी से भी अवैध तरीके से बालू का भंडारण किया गया है जो मानक से ज्यादा है
ग्रामीणों का आरोप है कि खदान संचालकों द्वारा निर्धारित सीमा क्षेत्र से बाहर भी खनन कराया जा रहा है। लोगों का कहना है कि केन नदी की मुख्य जलधारा में प्रतिबंधित भारी पोकलैंड मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जबकि ऐसे कार्यों पर विभिन्न पर्यावरणीय नियमों के तहत प्रतिबंध है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से खनन गतिविधियां जारी रहने के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों ने नरैनी एसडीएम, खनिज विभाग और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार जरर खनन पट्टा 11 मार्च 2026 से 10 दिसंबर 2026 तक संचालित है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


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