देवेश प्रताप सिंह राठौर
वरिष्ठ पत्रकार
भारत देश के बहुत सारे राज्य आग की घटना दुर्घटना सामने आया करती है। जिसमें निर्दोष लोगों की जान जाती है। आग क्यों लगती है इस पर कभी किसी सरकार ने विचार किया, जिसका मुख्य कारण है लापरवाही अस्पताल प्राइवेट अपार्टमेंट या भवन हो या प्राइवेट बिल्डिंग हो या ऊंची ऊंची ईमारते हो उनकी व्यवस्था और उनके जो संसाधन है उनका समय-समय पर निरीक्षण और वहां लगे उपक्रम कुछ समय-समय पर नियमित सर्विसिंग की जरूरत होती है जो होना नहीं है। मैंने देखा है जो चीज लग जाती है चलती रहती है उसे सुधारने का नाम नहीं लेते जुगाड़ से चलाते रहते इस तरह व्यवस्थाएं रहती है। यही लापरवाही घटना दुर्घटना के कारण बनती है। लापरवाही घोर हैं इस पर सख्त नियम होने चाहिए हर क्षेत्र का एक मानक होना चाहिए होता भी है परंतु जांच प्रक्रिया सख्त और जवाबदेही की होनी चाहिय। घटना दुर्घटना सब कुछ ठीक होने पर भी हो सकती है परंतु हम दुर्घटना सुरक्षा से कम कर सकते।
जिस परिवार का व्यक्ति अग्निकांड में अपनी जीवन लीला खत्म हो जाती उनकी पीड़ा के बारे में परिवार के विषय में सोचे कितना कष्ट होता होगा।
घड़ियाली आंशू वहां के लोगों की सहानुभूति लूटने का काम करते परंतु इनका असली चेहरा कुछ और होता, इसी का नाम राजनीति है। जब तक लापरवाही रहेगी दुर्घटना घटना कभो नहीं रुकेगी। मै फील्ड में रहता विभागों और प्राइवेट अपार्टमेंट एवं अन्य रिहाइशी इलाकों में लापरवाही का अंबार है। सब वरिष्ठ जिला स्तर के अधिकारी जानते है। पर रसूखदार लोग होते उन पर नजरंदाज कर दिया जाता है। मैने बहुत बार लापरवाही सरकारी इमारतों प्राइवेट अपार्टमेट अन्य व्यापारी कार्य स्थल भवन और उपक्रम एवं अन्य मशीनरी की समय समय पर निरंतर जांच होनी चाहिए। जब तक भ्रष्टाचारी समाप्त नहीं होगी तब तक हर स्थिति खतरे की है। क्योंकि सारी जड़ भ्रष्टाचारी ओर घोर लापरवाही का कारण है। नियम कानून सख्त और जवाब देही के साथ नियम बनाने कि जरूरत है। लापरवाही करने वालों के प्रति हत्या का मुकदमा कायम हो और सख्त से सख्त सजा प्राप्त हो दोषियों को ऐसा प्रावधान बनाना चाहिए।
मुझे जितनी जानकारी है उस आधार पर हम उन्हें जितना सुना है वह लिखा देखा उस आधार पर न्यूजीलैंड की एयरलाइंस जो है सबसे अधिक सुरक्षित विश्व की मानी जाती है, इसका मुख्य कारण है वहां पर एरोप्लेन में जरा सी खराबी हो या ना हो विधिवत उसको जिस चीज के इंजीनियर है वह सब उसको हर उड़ान पर उसको चेक करते हैं, जब वह ओके करते हैं उसके बाद ही उड़ान भरेगा, एयरलाइंस में दुर्घटना ना के बराबर है, जांच प्रक्रिया ऐसा हर देश में होता है जांच प्रक्रिया लेकिन सिर्फ जांच कागजी होती है, और न्यूजीलैंड में जांच तकनीकी रूप से सही होती है फर्क इतना है।


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