बबेरू/बाँदा, के एस दुबे । लवरूद्र ललित कला फाउंडेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला के तीसरे दिन विभिन्न रचनात्मक और शारीरिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों—मंच के अध्यक्ष कामतापाल, संरक्षक अशोक शिवहरे, संतोष यादव और सोनू सेठी द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर की गई। कार्यशाला मे योगा और शारीरिक विकास: योग गुरु नरेंद्र निषाद द्वारा सभी बच्चों को शीतली प्राणायाम , रेचक ,कुंभक पूरक ,आदि का अभ्यास कराया गया। इसके बाद अमरनाथ प्रजापति एवं नरेन्द्र अवस्थी ने बच्चों को विभिन्न प्रकार के मनोरंजक खेल करवाए।
आत्मरक्षा (जूडो-कराटे):
जूडो-कराटे प्रशिक्षक राजेश ने बच्चों को आत्मरक्षा के गुण सिखाते हुए विभिन्न प्रकार के बचाव और वार (मार) करने के तरीके बताए। कला और शिल्प चित्रकला प्रशिक्षक चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय से आए हुए अभिलाष चक्रवर्ती जी एवं बिहार से स्वाती झा जी ,माया मिश्रा जी, ने बच्चों को सुंदर प्राकृतिक दृश्य,मधुबनी आर्ट पर विशेष चित्रांकन करना सिखाया। वहीं 'कबाड़ से जुगाड़' सत्र के अंतर्गत प्रगति सेठी ने बच्चों को वेस्ट मटेरियल से रंग-बिरंगे कार्ड बनाना सिखाया। नृत्य एवं संस्कृति: दिव्यांशी द्वारा बच्चों को वेस्टर्न/सामान्य नृत्य और राहुल अग्रहरि द्वारा सांस्कृतिक नृत्य की बारीकियां सिखाई गईं।
वहीं बच्चों को स्वल्पाहार एम एल ए प्रिंटिंग हब के संरक्षक सुधीर अग्रहरि, अमित अग्रहरि(बाबा) महामंत्री राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन बबेरू जी के द्वारा कराया गया । उपस्थिति: इस अवसर पर मंगलेश चतुर्वेदी, लवरुद्र प्रताप, वेद मित्र गुप्त, नरेंद्र अवस्थी, आकाश चौहान, नरेंद्र निषाद, अंकित सिन्हा , वैभव चौरसिया, राजेश, लवलीन, अनिल प्रजापति,वंशिका और अंशिका सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन दुर्गा प्रसाद अग्रहरि द्वारा किया गया।


No comments:
Post a Comment