बांदा, के एस दुबे । जिले में आज करीब आधा सैकड़ा दिव्यांगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिहार में हुई भरत तिवारी की मौत को श्कथित फर्जी एनकाउंटरश् बताते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। दिव्यांगों ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो देश भर के दिव्यांग बिहार कूच करेंगे और एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद ये वो दिव्यांग हैं, जो बिहार में हुए एक कथित फर्जी एनकाउंटर के खिलाफ लामबंद हुए हैं। बाँदा में करीब आधा सैकड़ा दिव्यांगों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इनकी मांग है कि बिहार में हुई भरत तिवारी की मौत के मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश और फर्जी एनकाउंटर है। दिव्यांग संगठन ने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले और संबंधित गांव का नाम बदलकर मृतक श्भरत तिवारीश् के नाम पर रखा जाए। बिहार में हमारे भाई भरत तिवारी के साथ जो हुआ है, वो सरासर अन्याय है। पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर का रूप देकर उनकी हत्या की है। हम राष्ट्रपति जी से मांग करते हैं कि दोषियों को जेल भेजा जाए और परिवार को 2 करोड़ का मुआवजा मिले। अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो पूरे देश के दिव्यांग चुप नहीं बैठेंगे। हम सब बिहार कूच करेंगे और वहां एक ऐतिहासिक आंदोलन करेंगे।
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने ज्ञापन लेकर उचित माध्यम से राष्ट्रपति तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। प्रदर्शन कर रहे दिव्यांग नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भरत तिवारी के साथ हुआ अन्याय पूरे दिव्यांग समाज का अपमान है। यदि समय रहते उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो देश भर के विभिन्न राज्यों से दिव्यांग एकजुट होकर बिहार कूच करेंगे और सरकार के खिलाफ एक बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।


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