पुलिस को गुमराह करने की रची थी साजिश
बांदा, के एस दुबे । जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के ग्राम तिंदवारा में बीते दिनों हुई बुजुर्ग सच्चिदानंद की निर्मम हत्या की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने सफल अनावरण कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मृतक के साथ रह रही एक युवती और उसके सगे मामा को गिरफ्तार किया है। हत्या की इस वारदात को आपसी विवाद के चलते अंजाम दिया गया था, जिसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए मनगढ़ंत कहानी रची गई थी। मामला 20/21 जून 2026 की रात का है, जब ग्राम तिंदवारा में अपने घर की छत पर सो रहे बुजुर्ग सच्चिदानंद पर डंडे से ताबड़तोड़ प्रहार कर उन्हें लहूलुहान कर दिया गया था। गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज के दौरान बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया था। मृतक के भाई चिंतामणि की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस अधीक्षक /सीओ नगर सुश्री मेविस टॉक के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण और संदिग्धों से कड़ी पूछताछ के बाद हत्या की परतें खुलती चली गईं। जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश के पन्ना जिले थाना अजयगढ़ की रहने वाली रोशनी पिछले कुछ महीनों से बुजुर्ग सच्चिदानंद के साथ रह रही थी। घटना की रात रोशनी के मामा रामविशाल का बुजुर्ग से किसी बात पर विवाद हो गया। इसी रंजिश में मामा ने सो रहे बुजुर्ग पर डंडे से जानलेवा हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, युवती रोशनी ने अपनी आंखों के सामने पूरी वारदात देखी और अपने मामा को पहचान भी लिया था। इसके बावजूद, उसने अपने हत्यारे मामा को बचाने के लिए पुलिस के सामने एक झूठी और मनगढ़ंत कहानी गढ़ी ताकि जांच भटकायी जा सके। पुलिस ने साक्ष्य छिपाने और मुल्जिम का सहयोग करने के आरोप में रोशनी को भी सह-अभियुक्त बनाया है। इस हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक बलराम सिंह, निरीक्षक प्रभुनाथ यादव, मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी वीरेंद्र त्रिपाठी, महिला उपनिरीक्षक आकांक्षा सिंह, महिला कांस्टेबल रंजना कुशवाहा, कांस्टेबल दिनेश कुमार शर्मा, विवेक कुमार यादव और साकेत शामिल रहे।


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