बांदा, के एस दुबे । जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण केन नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सबसे बुरा हाल मटौंध कस्बे का है, जहाँ बीते दो दिनों से पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी है। पानी न मिलने से ग्रामीणों को भीषण संकट का सामना करना पड़ रहा है और वे दैनिक उपयोग के लिए दूर-दराज से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। कस्बे के निवासी शैलेंद्र तिवारी, बृजकिशोर, राजपाल पाल और गयादीन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मटौंध कस्बे में जल संस्थान की 16वीं शाखा (भूरागढ़) से जलापूर्ति की जाती है। लेकिन पिछले 48 घंटों से सप्लाई बंद होने से लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों
को दैनिक आवश्यकताओं के लिए आसपास के हैंडपंपों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कई मोहल्लों में हैंडपंप भी खराब पड़े हैं, जिससे स्थिति और अधिक दयनीय हो गई है। परेशान ग्रामीणों ने जल संस्थान के अधिकारियों से जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारू कराने की पुरजोर मांग की है। इस समस्या के संबंध में जल संस्थान की 16वीं शाखा के जेई मयंक ने बताया कि बारिश के कारण केन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है, जिससे पानी सप्लाई वाले बोरिंग पॉइंट के पास भारी मात्रा में बालू जमा हो गई है। उन्होंने बताया कि जेसीबी और मशीनों के जरिए बोरिंग स्थान से बालू हटाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। जैसे ही बालू हटाने का काम पूरा हो जाएगा, कस्बे में जलापूर्ति पुनः बहाल कर दी जाएगी।


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